नगर निगम ने अरिहंत और सिम्स सहित 11 अस्पतालों में खामियां मिलने पर 2 दिन का अल्टीमेटम दिया, सुरक्षा मानक पूरे नहीं होने पर होगी सीजिंग की कार्रवाई।

भीलवाड़ा। शहर के निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को ताक पर रखने वाले प्रबंधन के खिलाफ भीलवाड़ा नगर निगम ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम की टीम ने शनिवार को शहर के विभिन्न निजी चिकित्सालयों में औचक निरीक्षण कर फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की सघन जांच की। निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी के निर्देशानुसार फायर ऑफिसर छोटू राम के नेतृत्व में गठित टीम ने अरिहंत हॉस्पिटल, गुप्ता हॉस्पिटल, राठी हॉस्पिटल, लाइफलाइन हॉस्पिटल, शर्मा ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल, राधे कृष्णा हॉस्पिटल, देव ENT हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल, सिम्स हॉस्पिटल, बांगड़ हॉस्पिटल और भंसाली हॉस्पिटल में अग्नि शमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता को परखा।

निरीक्षण के दौरान अधिकांश अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणों में भारी कमियां पाई गईं, जिसे प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने बताया कि फायर सेफ्टी मानकों में कोताही बरतने वाले इन सभी संबंधित अस्पताल प्रबंधनों को दो दिवसीय नोटिस जारी कर अंतिम चेतावनी दी गई है। नोटिस के माध्यम से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आगामी दो दिनों के भीतर सभी आवश्यक फायर उपकरण स्थापित करना सुनिश्चित करें, अन्यथा निगम प्रशासन द्वारा नियमानुसार कठोर कार्रवाई करते हुए संबंधित अस्पताल परिसर को सीज करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

आयुक्त ने जोर देते हुए कहा कि अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरण पूर्ण न होने की स्थिति में आगजनी जैसी आपातकालीन घटनाओं के समय वहां भर्ती मरीजों और आमजन के जीवन को गंभीर खतरा पहुंचने की प्रबल संभावना रहती है। जनहानि की आशंका को शून्य करने के उद्देश्य से निगम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिन अस्पतालों द्वारा नियमानुसार सुरक्षा इंतजाम पूरे नहीं किए जाएंगे, उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Pratahkal HQ

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