गुरु के सान्निध्य से बदलती है जीवन की दिशा: संत शम्भुलाल
ब्यावर के संत शम्भुलाल के सान्निध्य में सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए पुलाव प्रसाद और शर्बत का वितरण भी हुआ।

भीलवाड़ा के प्रेमप्रकाश आश्रम के बाहर स्वामी टेऊँराम चालीसा महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और राहगीरों के बीच अन्नक्षेत्र के माध्यम से पुलाव प्रसाद वितरित करते सेवादार।
प्रेमप्रकाश आश्रम में आयोजित स्वामी टेऊँराम चालीसा महोत्सव के दौरान ब्यावर से पधारे संत श्री शम्भुलाल ने मानव जीवन में गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु के बिना जीव की गति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरु ही मानव को संसार रूपी सागर से पार लगाने का मार्ग दिखाता है और जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
प्रेमप्रकाश सेवा मण्डली के परमानंद गुरनानी ने बताया कि संत शम्भुलाल ने अपने सत्संग प्रवचन में पुरुषोत्तम मास के धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए सत्संग, दान-पुण्य, सेवा और शुभ कर्मों को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि सत्संग में भाग लेना सौभाग्य की बात है तथा दान सदैव गुप्त रूप से करना चाहिए। प्रवचन के दौरान उन्होंने स्वामी टेऊँराम की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि उनके सान्निध्य में आने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया और उनके मार्गदर्शन से जीवन की दिशा बदल गई।
राहुल परमानंदानी के अनुसार संत शम्भुलाल रविवार सुबह ब्यावर से भीलवाड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने सर्वप्रथम सीताराम गौशाला में गौपूजन, गौसेवा और गौआरती में भाग लिया। इसके बाद वे प्रेमप्रकाश आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने आश्रम में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया।
चालीसा महोत्सव के तहत आयोजित सत्संग कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी टेऊँराम चालीसा के सामूहिक पाठ से हुई। इसके पश्चात केक काटकर आरती एवं बधाई गीतों के साथ उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर के बाहर राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए अन्नक्षेत्र के माध्यम से पुलाव प्रसाद तथा शर्बत का वितरण भी किया गया।
प्रेमप्रकाश सेवा मण्डली के किशोर गुरनानी ने बताया कि संत शम्भुलाल के भीलवाड़ा आगमन पर प्रेमप्रकाश सेवा मण्डली और महिला मण्डली के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में भीलवाड़ा सहित कोटा, मालपुरा, नसीराबाद और ब्यावर से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं प्रेमीजन उपस्थित रहे।
स्वामी टेऊँराम चालीसा महोत्सव के दौरान आयोजित यह आध्यात्मिक आयोजन श्रद्धा, सेवा और सत्संग के संदेश के साथ संपन्न हुआ, जिसमें गुरु महिमा, धार्मिक सेवा और समाजहित के कार्यों को विशेष महत्व दिया गया।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
