भीलवाड़ा: पोषाहार गबन का आरोपी ट्रांसपोर्ट ठेकेदार बनवारीलाल गिरफ्तार
शाहपुरा पुलिस ने 1400 क्विंटल गेहूं और चावल के गबन मामले में 2 साल से फरार मुख्य आरोपी को पकड़ा, अब विभागीय मिलीभगत की जांच शुरू।

भीलवाड़ा। सरकारी स्कूलों के मासूम बच्चों के निवाले पर डाका डालने वाले माफियाओं के विरुद्ध शाहपुरा पुलिस ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की है। सहकारी समिति शाहपुरा के माध्यम से विद्यालयों में वितरित होने वाले लाखों रुपये के पोषाहार गबन प्रकरण में पुलिस ने विगत दो वर्षों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी ट्रांसपोर्ट ठेकेदार को अंततः दबोच लिया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के पश्चात अब शिक्षा विभाग और सहकारी समिति के कई 'सफेदपोश' चेहरों एवं भ्रष्ट कार्मिकों के बेनकाब होने की प्रबल संभावना उत्पन्न हो गई है।
गबन के इस खेल की भयावहता का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने 1400 क्विंटल से अधिक राशन का खुर्द-बुर्द कर दिया। शाहपुरा थाना पुलिस के आधिकारिक विवरण के अनुसार, ईटावा (किशनगढ़ रेनवाल) निवासी 58 वर्षीय ट्रांसपोर्ट ठेकेदार बनवारीलाल पुत्र नाथूलाल जाट को उसके गुप्त ठिकाने से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त पर गंभीर आरोप है कि उसने सहकारी समिति से विभिन्न स्कूलों में वितरण हेतु आवंटित 1100 क्विंटल गेहूं और 302 क्विंटल चावल का गबन किया। बच्चों की थाली तक पहुँचने के बजाय इस विशाल मात्रा में पोषाहार को मिलीभगत कर बाजार के निजी दुकानदारों को अवैध रूप से बेच दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि गबन का यह सुनियोजित खेल लंबे समय से संचालित हो रहा था, जिसका आधिकारिक खुलासा होने के पश्चात सहकारी समिति के व्यवस्थापक राजेंद्र सिंह ने 11 जुलाई 2024 को शाहपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। थाना प्रभारी के कुशल निर्देशन में सब इंस्पेक्टर बालकिशन ने प्रकरण की सघन विवेचना की और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर तंत्र के आधार पर फरार ठेकेदार को धरदबोचा।
इस गिरफ्तारी के बाद अब घोटाले से जुड़े अन्य कर्मचारियों और लाभान्वित दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। पुलिस वर्तमान में आरोपी बनवारीलाल से सघन पूछताछ कर रही है ताकि उन 'साझेदारों' के नामों का अनावरण किया जा सके, जिनके संरक्षण में इस महाघोटाले को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि सहकारी समिति के प्रभावशली कर्मचारियों की संलिप्तता के बिना इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी राशन का गबन संभव नहीं था। इसके साथ ही उन संदिग्ध दुकानदारों की सूची भी तैयार की जा रही है जिन्होंने चोरी का सरकारी अनाज खरीदा था। पुलिस का स्पष्ट दावा है कि इस रैकेट की जड़ों तक पहुँचकर जल्द ही सभी संबंधित चेहरों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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