भीलवाड़ा: 13 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा 5 हजार का इनामी लुटेरा, वेश बदलकर काट रहा था फरारी
भीलवाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 13 वर्षों से फरार 5,000 रुपये का इनामी लुटेरा सांवलराम मीणा गिरफ्तार। साल 2012 में आसीन्द क्षेत्र में हुई लूट की वारदात के बाद से ही आरोपी वेश बदलकर फरारी काट रहा था। डीएसटी और आसीन्द पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन ने शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाया, जिससे क्षेत्र में कानून का इकबाल बुलंद हुआ है।

भीलवाड़ा। न्याय के हाथ लंबे होते हैं और कानून की गिरफ्त से बचना नामुमकिन है, इस कहावत को भीलवाड़ा पुलिस ने एक बार फिर चरितार्थ कर दिखाया है। जिले की स्पेशल टीम (DST) और आसीन्द थाना पुलिस ने एक संयुक्त और सफल ऑपरेशन के दौरान लूट के मामले में पिछले 13 वर्षों से फरार चल रहे 5,000 रुपये के इनामी अपराधी को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। यह शातिर बदमाश एक दशक से भी अधिक समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस के बिछाए जाल में फंस ही गया।
इस पूरे प्रकरण की जड़ें साल 2012 में दफन हैं। सूलवाड़ा निवासी परिवादी रघुनाथ पुत्र पोखर बलाई ने आसीन्द थाने में एक दर्दनाक दास्तां बयां की थी। रघुनाथ ने बताया था कि वह रात के करीब 8 बजे अपने काम से घर लौट रहा था, तभी एक बोलेरो गाड़ी में सवार तीन-चार अज्ञात लोगों ने उसे रास्ता पूछने के बहाने रोका। इससे पहले कि रघुनाथ कुछ समझ पाता, बदमाशों ने उसे डरा-धमकाकर उसके गले से सोने का मांदलिया, मोबाइल फोन और 7,000 रुपये की नगदी लूट ली और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रारंभिक तफ्तीश के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल बोलेरो को जब्त कर लिया था, लेकिन इस गिरोह का मुख्य चेहरा सांवलराम मीणा तब से ही फरार चल रहा था।
पकड़ा गया आरोपी सांवलराम मीणा पुत्र श्योनारायण उर्फ सोनाराम, जो कि दौसा जिले के थाना झांपदा के समेल गांव का निवासी है, पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। वह इतना शातिर था कि गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और अलग-अलग शहरों में अपनी पहचान छुपाकर फरारी काटता रहा। सांवलराम कोई साधारण अपराधी नहीं है; उसके विरुद्ध पूर्व में भी चोरी और नकबजनी के कई संगीन मामले दर्ज हैं। उसकी बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और लंबे समय से फरारी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उस पर 5,000 रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
भीलवाड़ा पुलिस ने इस बार तकनीकी अनुसंधान और अपने मजबूत मुखबिर तंत्र का सहारा लिया। सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की और सांवलराम को डिटेन कर आसीन्द थाना लाया गया। वर्तमान में पुलिस उससे गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और पुरानी वारदातों के सुराग हाथ लग सकें। 13 साल पुराने इस मामले के पटाक्षेप और इनामी अपराधी की गिरफ्तारी से न केवल पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है, बल्कि आमजन में भी सुरक्षा का विश्वास और अपराधियों के बीच कानून का खौफ गहरा गया है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
