भीलवाड़ा: 5 साल से खाक छान रहे 15 हजार के इनामी दरिंदे को पुलिस ने दबोचा, गैंगरेप के बाद से था फरार
भीलवाड़ा पुलिस ने 5 साल से फरार 15 हजार के इनामी गैंगरेप आरोपी देवीलाल उर्फ देवीनाथ कालबेलिया को गिरफ्तार कर लिया है। वर्ष 2022 में काछौला में नाबालिग से दुष्कर्म और लूटपाट के इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही उम्रकैद हो चुकी है। खानाबदोश जीवन जी रहे इस शातिर अपराधी को गुलाबपुरा के रूपाहेली स्टेशन से दबोचा गया। जानिए इस सनसनीखेज मामले की पूरी रिपोर्ट।

भीलवाड़ा। कानून के लंबे हाथों ने आखिरकार पांच साल पुराने उस खौफनाक अध्याय के अंतिम अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया था। भीलवाड़ा पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 15 हजार रुपये के इनामी अपराधी देवीलाल उर्फ देवीनाथ कालबेलिया को बापर्दा गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई ने उन अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है जो सोचते हैं कि खानाबदोश जीवन और तकनीकी दूरी उन्हें न्याय के शिकंजे से बचा सकती है।
खौफ की यह दास्तां वर्ष 2022 में थाना काछौला क्षेत्र से शुरू हुई थी। एक मासूम नाबालिग बालिका के साथ न केवल दरिंदगी की गई, बल्कि विरोध करने पर उसके परिजनों के साथ बेरहमी से मारपीट कर लूटपाट की घटना को भी अंजाम दिया गया था। इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित अनुसंधान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया और एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया। न्याय की प्रक्रिया निरंतर चलती रही और वैज्ञानिक साक्ष्यों व डीएनए परीक्षण की पुख्ता रिपोर्ट के आधार पर माननीय पोक्सो न्यायालय, भीलवाड़ा ने सितंबर 2025 में मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास और 1,68,000 रुपये के अर्थदंड की कठोर सजा सुनाई थी।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में हीरालाल का पुत्र देवीलाल उर्फ देवीनाथ कालबेलिया, निवासी डाबला, पुलिस की पहुंच से दूर बना हुआ था। आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि वह खानाबदोश प्रवृत्ति का था और पकड़े जाने के डर से कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। अपनी पहचान छुपाने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलता रहा। लेकिन भीलवाड़ा पुलिस की विशेष टीम ने हार नहीं मानी और पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ मुखबिरों का जाल बिछाया। अंततः सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे थाना गुलाबपुरा क्षेत्र के रूपाहेली रेलवे स्टेशन से हिरासत में ले लिया।
पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी देवीलाल को मामले में विधिवत बापर्दा गिरफ्तार किया गया है। वर्तमान में आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। पांच वर्षों बाद हुई इस गिरफ्तारी ने न केवल पीड़ित परिवार को न्याय की नई उम्मीद दी है, बल्कि भीलवाड़ा पुलिस की कार्यकुशलता और धैर्य पर जनता के विश्वास को और सुदृढ़ किया है। यह गिरफ्तारी साबित करती है कि अपराध की उम्र चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो जाए, न्याय की चौखट तक उसका पहुंचना निश्चित है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
