भीलवाड़ा: पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप, पीड़ित ने एसपी को सौंपा ज्ञापन
सुभाषनगर थाना पुलिस पर पीड़ित को झूठे मामले में फंसाने और अभद्र व्यवहार का आरोप, निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज सीज करने की मांग।

भीलवाड़ा के सुभाषनगर थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित अभद्र व्यवहार और झूठी कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर ज्ञापन सौंपने पहुंचे पीड़ित दिलखुश रेगर (सफेद शर्ट में, ज्ञापन हाथ में लिए) अपने समर्थकों के साथ।
भीलवाड़ा। रक्षक ही जब भक्षक बन जाए तो आम आदमी न्याय की गुहार लेकर कहां जाए? ऐसा ही एक बेहद गंभीर और अमानवीय मामला भीलवाड़ा के सुभाषनगर थाने से सामने आया है, जहां न्याय की भीख मांगने गए एक पीड़ित युवक के साथ पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों द्वारा न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए यहां तक कह दिया गया कि कहीं डूबकर मर जा। इतना ही नहीं, खाकी के रौब में पुलिस ने पीड़ित को ही धारा 151 के तहत झूठे मामले में सलाखों के पीछे धकेल दिया। इस तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ मंगलवार को पीड़ित दिलखुश रेगर और बड़ी संख्या में लोगों व समर्थकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी को ज्ञापन सौंपा और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने व थाने के सीसीटीवी फुटेज सीज करने की मांग की।
मामले के अनुसार, हरिओम नगर निवासी दिलखुश रेगर अपने पिता देबी लाल रेगर के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। उनके पिता के जीवित रहते हुए भी भू-माफियाओं और आरोपियों ने उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करवा लिया, बैंक खाते से मोटी रकम पार कर दी और उनकी बेशकीमती संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया। इस संबंध में सुभाषनगर थाने में एफआईआर संख्या 0316/2025 दर्ज है। आरोप है कि इस गंभीर प्रकरण में सुभाषनगर थाना पुलिस लंबे समय से ढुलमुल रवैया अपना रही थी और आरोपियों को शह दे रही थी।
इसी प्रकरण में न्याय की आस लिए दिलखुश रेगर गत 22 मई 2026 को दोपहर करीब 1 बजे उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के आदेश की प्रति लेकर सुभाषनगर थाने पहुंचे थे, क्योंकि पुलिस बार-बार आदेश की कॉपी नहीं मिलने का बहाना बना रही थी। जब दिलखुश थाने पहुंचे, तो वहां पहले से ही आरोपी पक्ष के लोग बैठे हुए थे। आरोप है कि पीड़ित को देखते ही थाना प्रभारी और वहां मौजूद पुलिस अधिकारी आगबबूला हो गए और उन्होंने पीड़ित के साथ अत्यंत अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार शुरू कर दिया। जब पीड़ित ने अपने हक की बात कही तो पुलिस अधिकारी ने कहा कि डूब कर मर जा। इस अमानवीय व्यवहार से पीड़ित को गहरा मानसिक आघात लगा। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने और आरोपी पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए पीड़ित दिलखुश को ही शांति भंग की धारा 151 में गिरफ्तार कर लॉकअप में बंद कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए पीड़ित और समस्त नागरिकगणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पीड़ित पक्ष और नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि रक्षक ही इस तरह भक्षक बनेंगे, तो आम जनता का पुलिस से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि 22 मई 2026 को सुभाषनगर थाने में हुई इस अमानवीय घटना की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करवाई जाए और पीड़ित को प्रताड़ित करने व अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही अमल में लाई जाए।
इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि सच्चाई को सामने लाने के लिए सुभाषनगर थाने की 22 मई की सीसीटीवी फुटेज को तुरंत सीज और सुरक्षित किया जाए ताकि पुलिस साक्ष्यों से छेड़छाड़ न कर सके तथा दिलखुश के खिलाफ की गई धारा 151 की झूठी कार्यवाही को निरस्त कर इसकी गहन जांच की जाए। ज्ञापन में यह भी पुरजोर मांग की गई कि पिता-पुत्र (देबी लाल व दिलखुश रेगर) को भू-माफियाओं और आरोपियों से जानमाल का खतरा होने के कारण तुरंत पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए और मूल मुकदमा संख्या 0316/2025 की जांच को तत्काल सुभाषनगर थाने से हटाकर किसी अन्य निष्पक्ष और ईमानदार पुलिस अधिकारी को सौंपी जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। खाकी पर लगे इन गंभीर आरोपों ने अब पूरे प्रशासनिक महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
