भीलवाड़ा: बनास की छाती चीर रहे बजरी माफिया पर पुलिस का वज्रपात, आधी रात को नदी में मची भगदड़, मशीनें जब्त
भीलवाड़ा के बीगोद में पुलिस ने बनास नदी में चल रहे अवैध बजरी खनन पर बड़ी कार्रवाई की है। आधी रात को हुई इस छापेमारी में दो डंपर और एक एलएनटी मशीन जब्त की गई है। पुलिस ने सत्यनारायण बैरवा, हीरालाल गुर्जर, भैंरू गुर्जर, देवा गुर्जर और दिनेश धाकड़ समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। माफियाओं में मची इस खलबली और पुलिस की इस रणनीतिक कार्रवाई की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बीगोद थाना क्षेत्र के बरुखेड़ा इलाके में बहने वाली जीवनदायिनी बनास नदी में आधी रात को जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब पुलिस की टीम ने मौत के सौदागरों और माफियाओं के खिलाफ धावा बोल दिया। इस अचानक हुई छापेमारी से नदी क्षेत्र में हड़कंप मच गया और माफियाओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पुलिस ने मौके से करोड़ों की मशीनरी और अवैध परिवहन में जुटे वाहनों को जब्त कर पांच आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब पुलिस को मुखबिर के जरिए पुख्ता जानकारी मिली कि बनास नदी के बरुखेड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और परिवहन का खेल चल रहा है। सूचना मिलते ही बीगोद थाने से दीवान सतपाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गुप्त तरीके से नदी के तट पर दबिश दी। वहां का नजारा चौंकाने वाला था; भारी-भरकम एलएनटी मशीनें नदी का सीना छलनी कर रही थीं और डंपर अवैध बजरी भरकर रवानगी की तैयारी में थे। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर मौके से दो डंपर और एक एलएनटी मशीन को अपने कब्जे में ले लिया।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सांडगांव निवासी सत्यनारायण पुत्र धन्ना बैरवा, सेवनी निवासी हीरालाल पुत्र रामलाल गुर्जर, मोटरों का झोंपड़ा निवासी भैंरू पुत्र माधो गुर्जर और देवा पुत्र शंकर गुर्जर, तथा मुकनपुरिया निवासी दिनेश पुत्र रामेश्वर धाकड़ के रूप में हुई है। इन सभी के खिलाफ अवैध खनन और परिवहन की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई ने क्षेत्र के बजरी माफियाओं की कमर तोड़ दी है। जिले में लंबे समय से सक्रिय इन अवैध सिंडिकेट्स के बीच अब खलबली का माहौल है। यह कार्रवाई न केवल पर्यावरण की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि कानून की धमक को भी स्पष्ट करती है। बनास नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए पुलिस का यह कड़ा रुख आने वाले समय में माफियाओं के हौसले पस्त करने वाला साबित होगा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
