भीलवाड़ा पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: हथियारों के साथ रील बनाने वाले 4 गिरफ्तार
एसपी धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल ने की कार्रवाई, आरोपियों ने लाइक्स के लिए खिलौना और लाइसेंसधारी हथियारों का किया था प्रदर्शन।

भीलवाड़ा। सोशल मीडिया के डिजिटल मंच पर खुद को 'डॉन' के रूप में स्थापित करने और हथियारों के खुले प्रदर्शन के जरिए आमजन में खौफ पैदा करने वाले शौकीनों के खिलाफ भीलवाड़ा पुलिस ने बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के कुशल नेतृत्व में साइबर सेल ने प्रभावी कार्रवाई को अंजाम देते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक महिला को विधिक रूप से पाबंद किया गया है।
पुलिसिया पड़ताल के दौरान इस पूरे मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया कि ये आरोपी मात्र रील बनाने और सोशल मीडिया पर 'लाइक्स' व 'फॉलोअर्स' बटोरने की सनक में लाइसेंसधारी व्यक्तियों से हथियार मांगते थे। कई मामलों में ये आरोपी खिलौना बंदूकों को असली हथियारों के रूप में प्रदर्शित कर खूंखार पृष्ठभूमि संगीत (गानों) के साथ वीडियो पोस्ट करते थे। दहशतगर्दी के इस महिमामंडन से न केवल समाज में असुरक्षा की भावना प्रबल हो रही थी, बल्कि जिले की युवा पीढ़ी भी तेजी से अपराध के ग्लैमर की ओर आकर्षित हो रही थी।
साइबर सेल की निरंतर और सटीक डिजिटल मॉनिटरिंग के बाद पुलिस ने सुनियोजित घेराबंदी कर चार आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सांगनी (थाना आसीन्द) निवासी कैलाश गुर्जर पुत्र भेरू लाल गुर्जर, सरेडी (थाना करेडा) निवासी सुरेश पुत्र दुदाराम गुर्जर, कुवाडा (थाना सुभाषनगर) निवासी गोपाल पुत्र बंशीलाल गुर्जर और जसोरिया (थाना रायला) निवासी मांगीलाल गुर्जर पुत्र नाथू गुर्जर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बडलियास पुलिस ने इसी प्रकरण से जुड़ी एक महिला को भी पाबंद किया है।
इस कार्रवाई के पश्चात जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने कड़ा संदेश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया का उपयोग पूर्ण जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकप्रसिद्धि पाने के लिए हथियारों का प्रदर्शन करना, चाहे वे असल हों या नकली, गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है क्योंकि ऐसी गतिविधियां समाज में भय का वातावरण निर्मित करती हैं। एसपी ने दोहराया कि भीलवाड़ा पुलिस की पैनी नजर अब हर उस सोशल मीडिया अकाउंट पर है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपराध का महिमामंडन कर रहा है। पुलिस की यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते अपराध बोध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

