भीलवाड़ा: एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ₹25000 के इनामी तस्कर को पकड़ा
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और मांडल थाना पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन 'सद्भावना' के तहत घेराबंदी कर दो आरोपियों को अवैध हथियार और ₹14 लाख नकद के साथ दबोचा।

भीलवाड़ा के मांडल थाना क्षेत्र में संयुक्त पुलिस कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपी। (बाएं से दाएं) ₹25,000 का इनामी मुख्य आरोपी मोहनराम और उसका सहयोगी महेंद्र।
भीलवाड़ा के मांडल थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन ‘सद्भावना’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन में चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक द्वारा घोषित 25,000 रुपये के इनामी कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर मोहनराम और उसके साथी महेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 अवैध अत्याधुनिक पिस्टल, 7 जिंदा कारतूस, 2 मैगजीन, एक क्रेटा कार और 14 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मांडल थाना क्षेत्र में नाकाबंदी की थी। धुंवाला बस स्टैंड के पास आसींद की ओर से आ रही काले रंग की क्रेटा कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन तस्करों ने रुकने के बजाय वाहन की गति बढ़ा दी और नाकाबंदी तोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान टीम ने ‘स्टॉप स्टिक’ (टायर बस्टर) का उपयोग किया, जिससे कार के टायर फट गए और वाहन आगे नहीं बढ़ सका। मौके पर कार रुकते ही दोनों आरोपी पैदल भागने लगे, जिन्हें सादी वर्दी में तैनात टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई के दौरान स्थानीय मांडल थाना पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया और संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी मोहनराम पुत्र रामेश्वर लाल जाट, उम्र 33 वर्ष, निवासी भादवासी (थाना डेगाना, जिला नागौर) है। वह 12वीं तक शिक्षित है और पहले कृषि कार्य करता था। आर्थिक तंगी के चलते वह तस्करी के नेटवर्क में शामिल हुआ और पिछले लगभग 6 वर्षों से पुलिस से बचकर राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में मादक पदार्थों की सप्लाई करता रहा। इस दौरान वह लगातार फरार चल रहा था और विभिन्न राज्यों में सक्रिय रहा।
पूछताछ में सामने आया है कि मोहनराम ने पुलिस कार्रवाई से बचने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस पर फायरिंग करने की योजना के तहत अत्याधुनिक पिस्टल मणिपुर से प्राप्त की थीं। मणिपुर से लाए गए इन हथियारों का उद्देश्य सुरक्षा और तस्करी नेटवर्क को सुरक्षित रखना था। उसके साथ गिरफ्तार महेंद्र पुत्र मंगलाराम बिश्नोई, उम्र 25 वर्ष, निवासी धमाणा का गालिया, सांचौर (जिला जालौर) को सहयोगी के रूप में शामिल किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि मोहनराम पूर्व में चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी थाने में पकड़ी गई अपनी गाड़ी की घटना के बाद से फरार था और उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मौके से 2 पिस्टल, 7 जिंदा कारतूस, 2 मैगजीन, 14 लाख रुपये नकद और क्रेटा कार को जब्त कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ अवैध हथियार एवं मादक पदार्थ तस्करी से संबंधित प्रकरण दर्ज कर आगे की पूछताछ की जा रही है।
यह कार्रवाई न केवल एक कुख्यात तस्करी नेटवर्क के भंडाफोड़ की ओर संकेत करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अत्याधुनिक तकनीक और रणनीति के साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब संगठित अपराधों पर और अधिक सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
