पारोली थाना क्षेत्र में स्थित एक मंदिर से चांदी के मुकुट की चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है तथा चोरी गए जेवरात भी बरामद कर लिए गए हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के आदेश पर जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

पारोली थाने के बिशनिया गांव निवासी बालमुकुंद पुत्र सत्यनारायण ब्राह्मण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 अप्रैल 2026 को सुबह 7 से 9 बजे के बीच किसी अज्ञात चोर ने मंदिर के शिखर पर लगा लगभग 200 ग्राम वजनी चांदी का मुकुट चोरी कर लिया। घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान एएसआई मुंशी खां को सौंपा।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के लगभग 50 से 60 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। चोर द्वारा भागने के रास्तों का तकनीकी विश्लेषण किया गया तथा बीटीएस की मदद से भी सुराग जुटाए गए। ठोस साक्ष्यों और फुटेज के आधार पर पुलिस ने चेनपुरा निवासी संदिग्ध त्रिलोक पाराशर पुत्र चांदमल पाराशर, उम्र 42 वर्ष को हिरासत में लिया। मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई गहन पूछताछ में आरोपी ने मंदिर में चोरी की वारदात स्वीकार कर ली, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया तथा चोरी गया जेवर बरामद कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी त्रिलोक पाराशर बेहद शातिर प्रवृत्ति का है, जो पहले सुनसान और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों की रेकी करता था और मौका पाकर कीमती आभूषण व मुकुट चोरी कर फरार हो जाता था। उसके विरुद्ध काछोला और बीगोद थानों में पहले से तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें चोरी, सरकारी कार्य में बाधा और मारपीट के मामले शामिल हैं।

इसी क्रम में भीलवाड़ा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में बाबा रामदेव जी मंदिर के सामने सड़क पर लावारिस हालत में पशुओं की खालें मिलने से उत्पन्न तनाव और मामले के त्वरित खुलासे पर पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने कोतवाली थाना टीम को रिवॉर्ड रोल देकर सम्मानित किया।

एसपी कार्यालय में आयोजित विशेष सम्मान कार्यक्रम में एसपी सागर राणा ने कहा कि संवेदनशील प्रकरण में पुलिस टीम की सजगता और त्वरित कार्रवाई से शहर का सौहार्द बिगड़ने से बच गया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से अपराधियों में भय और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत होता है।

जांच में कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर दो युवकों लोकेश खटीक और हेमंत कोली को डिटेन किया। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी लोकेश खटीक पशु खालों का वैध व्यवसाय करता है। वह कावांखेड़ा से पशुओं की खालें कट्टे में भरकर स्कूटी से ला रहा था, लेकिन कट्टे का मुंह खुला होने के कारण चलती स्कूटी से खालें अनजाने में सड़क पर गिर गईं, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।

पुलिस ने सभी पक्षों को थाने बुलाकर स्थिति स्पष्ट की और मामले को शांतिपूर्वक निपटाया। इस सराहनीय कार्य के लिए थाना प्रभारी हनुमान सिंह, सहायक उप निरीक्षक अशोक सोनी, दीवान मुकेश, कांस्टेबल संजय, शंभुलाल, समय और ओमसिंह को सम्मानित किया गया।

Pratahkal Bureau

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