राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पुलिस ने खनन जगत में खौफ का पर्याय बनी एक कुख्यात 'वसूली गैंग' का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर सत्ता की आड़ में फल-फूल रहे भ्रष्टाचार के बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। विधायक की फर्जी धौंस दिखाकर व्यापारियों का आर्थिक शोषण करने वाला यह गिरोह अब पुलिस की सलाखों के पीछे है। जांच में सामने आया कि यह कोई छिटपुट वारदात नहीं बल्कि एक व्यवस्थित हफ्ता वसूली का काला कारोबार था, जिसने विशेष रूप से गारनेट कारोबारियों के लिए एक 'मंथली टैक्स' निर्धारित कर रखा था। गिरोह के सदस्य स्वयं को सत्ता का 'खास आदमी' बताकर सिस्टम के नाम पर हर महीने लाखों रुपये की अवैध उगाही कर रहे थे।

इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अजय पांचाल एक सोचे-समझे प्रोपेगेंडा के तहत वसूली का खेल खेल रहा था। उसने अपना फर्जी रुतबा कायम करने के लिए जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा की गाड़ी के नंबर (7521) की नकल की और अपनी निजी काली स्कॉर्पियो पर 'विधायक प्रतिनिधि' लिखवा लिया। यह गिरोह व्यापारियों को यह कहकर भयाक्रांत करता था कि अजय पांचाल एसपी और पुलिस प्रशासन का बेहद करीबी है। ऊपर तक 'हिस्सा' पहुँचाने के नाम पर यह सिंडिकेट लंबे समय से व्यापारियों की जेब काट रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी धर्मेंद्र सिंह को मिली सटीक सूचना के आधार पर कोटड़ी पुलिस ने घेराबंदी कर इस गिरोह पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की और चारों आरोपितों को रंगे हाथों धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपितों में मुख्य सूत्रधार अजय पांचाल के साथ नंद सिंह उर्फ पिंटू सिंह शामिल है, जो एक रिकॉर्डेड अपराधी है और जिस पर चोरी व अवैध खनन के पूर्व मामले दर्ज हैं। गिरोह का तीसरा सदस्य कालू गुर्जर है, जिस पर मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप हैं, जबकि नारायण गुर्जर को वसूली के धंधे में शामिल अहम सदस्य बताया गया है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपना नाम आने पर विधायक गोपीचंद मीणा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दो टूक कहा कि अजय पांचाल महज एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता है। उन्होंने सार्वजनिक बयान जारी कर पुलिस को निर्देशित किया है कि यदि उसने पद का दुरुपयोग कर रंगदारी और वसूली की है, तो किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। फिलहाल, पुलिस इस बात की गहन तहकीकात कर रही है कि इस 'वसूली सिंडिकेट' की जड़ें कितनी गहरी हैं, उगाही का पैसा किन-किन लोगों तक पहुँचता था और क्या इस गैंग ने खनन के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी अपना जाल फैला रखा था। यह कार्रवाई भीलवाड़ा में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के विरुद्ध एक कड़ा संदेश है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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