भीलवाड़ा। खुद को पुलिस अधीक्षक और कभी थानाधिकारी बताकर लोगों को न्याय का झांसा देने वाले शातिर साइबर ठग का बड़ा खेल आखिरकार बेनकाब हो गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में साइबर प्रकोष्ठ और रायला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दो दिन तक जंगल में डेरा डालकर तलाश अभियान चलाया और आरोपी को मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश सीमा से गिरफ्तार कर लिया।

ठगी का व्यापक जाल

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने राजस्थान सहित कई राज्यों में सैकड़ों लोगों को निशाना बनाया। अकेले भीलवाड़ा जिले में 40 से अधिक लोगों से ठगी या ठगी का प्रयास किया गया।

राजकॉप से आंकड़े निकाल, बन जाता था पुलिस अधीक्षक

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी की कार्यप्रणाली इस प्रकार थी:

  • आरोपी राजकॉप सिटीजन एप और अन्य राज्यों की ऑनलाइन नागरिक सेवा वेबसाइटों पर फर्जी मोबाइल नंबर से प्रवेश करता था।
  • वहां से विभिन्न थानों में दर्ज प्राथमिकी की प्रति डाउनलोड कर प्रार्थियों और अप्रार्थियों के मोबाइल नंबर हासिल करता था।
  • इसके बाद वह खुद को पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा या संबंधित थाने का थानाधिकारी बताकर फोन करता।
  • बयान नहीं देने की सलाह देता, कार्रवाई रुकवाने या करवाने का डर दिखाता और न्याय दिलाने का भरोसा देता।
  • फिर ऑनलाइन भुगतान या क्यूआर कोड के जरिए पैसों की मांग करता।
शिकायत से खुली परतें

रायला क्षेत्र के रामकरण जी का खेड़ा निवासी जगदीश प्रसाद चौधरी ने शिकायत दी कि उन्हें फोन कर खुद को पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा बताया गया। मांडल थाने में दर्ज प्राथमिकी के मामले में बयान नहीं देने और थाने में उपस्थित नहीं होने को कहा गया। साथ ही न्याय दिलाने के नाम पर पैसों की मांग की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 फरवरी 2026 को रायला थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जंगल में छिपकर करता था ठगी

तकनीकी विश्लेषण, कॉल विवरण अभिलेख और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी की लोकेशन मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के महेबा चक्र 2 लिधोरा क्षेत्र में चिन्हित हुई। यह इलाका साइबर अपराध के लिए संवेदनशील माना जाता है। आरोपी जंगलों और खेतों में छिपकर वारदात करता था। पुलिस टीम ने दो दिन तक जंगल में शिविर लगाकर सघन तलाशी अभियान चलाया और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी का विवरण
  • नाम: सतेन्द्र सिंह उर्फ देशपत यादव
  • उम्र: 26 वर्ष
  • निवासी: महेबा चक्र 2 लिधोरा थाना चनेरा जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश
पुलिस अधीक्षक की अपील

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने आमजन से अपील की है:

"पुलिस अधिकारी बनकर आने वाले किसी भी फोन या संदेश पर तुरंत भरोसा न करें। न्याय या कार्रवाई के नाम पर किसी को भी पैसे न दें। किसी भी संदिग्ध फोन या संदेश की सूचना तुरंत 1930 साइबर सहायता हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें।"
Pratahkal Bureau

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