न्यायालय का सख्त फैसला

  • विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो एक बालकृष्ण मिश्र ने मोहम्मद कॉलोनी शास्त्रीनगर निवासी अब्दुल हक मंसूरी पुत्र लाल मोहम्मद मंसूरी को चार वर्ष के कठोर कारावास और बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
  • भीलवाड़ा में नाबालिग से छेड़छाड़ और परेशान करने के मामले में विशेष पोक्सो न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को यह कठोर सजा सुनाई है।

मामले की पृष्ठभूमि और शिकायत

विशेष लोक अभियोजक धर्मवीरसिंह कानावत ने बताया कि तीन फरवरी 2025 को परिवादी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवाद के अनुसार:

  • परिवादी डेयरी बूथ चलाता है और बीमारी के कारण कुछ समय तक उसके पिता वहां बैठते थे।
  • उसी दौरान उसकी नाबालिग बेटी भी रोजाना दो घंटें के लिए बूथ पर बैठती थी।
  • इसी दौरान आरोपी वहां आता और लडक़ी को परेशान करता।

आरोपी की करतूतें और धमकी

"वह अश्लील हरकतें करता, मोबाइल नंबर मांगता और मना करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देता था।"

परिवाद के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया के जरिए भी अश्लील संदेश भेजता था और फर्जी आईडी बनाकर फोटो वायरल करने की धमकी देता था। परिवादी ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसने नाबालिग को शास्त्रीनगर बुलाकर जबरन दुष्कर्म किया। घटना के बाद नाबालिग काफी डरी हुई रहने लगी। परिवार ने जब उससे पूछा तो उसने पूरी बात बताई।


पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया

इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मेडिकल परीक्षण करवाया गया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया।

  • सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ग्यारह गवाहों के बयान कराए।
  • अभियोजन द्वारा छब्बीस दस्तावेज प्रस्तुत कर आरोपों को साबित किया गया।

अंतिम निर्णय

सभी सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को पोक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए चार साल का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।

Pratahkal Newsroom

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