भीलवाड़ा के पेंच के बालाजी मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव की भव्य तैयारियां
पेंच के बालाजी मंदिर में स्वर्ण चोला श्रृंगार, 24 घंटे अखंड हनुमान चालीसा पाठ और 31 हलवाइयों द्वारा तैयार महाप्रसाद के साथ मनेगा जन्मोत्सव।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के प्रसिद्ध पेंच के बालाजी मंदिर में इस वर्ष श्री हनुमान जन्मोत्सव पूर्ण संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं के अनुसरण के साथ अभूतपूर्व और भव्यतम रूप से मनाया जाएगा। जन्मोत्सव के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं को लेकर बालाजी मार्केट स्थित मंदिर परिसर में मंदिर ट्रस्ट के जगदीश मानसिंहका एवं अनिल मानसिंहका के निर्देशन में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। पेंच के बालाजी के महंत पंडित आशुतोष शर्मा ने बताया कि बैठक में गोपाल अग्रवाल, सुनील मानसिंहका, राजकुमार लाहोटी, राजेश अग्रवाल, अशोक मेलाणा, सुनील सुराणा, अंकित सूरिया, डॉ. सुनील भारद्वाज, प्रदीप हिम्मतरामका, विक्रम दाधीच, बलराज आचार्य, रमेश खोईवाल, विजय रामावत, किशन सिंधी सहित मंदिर के अन्य अनन्य भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन की रूपरेखा तय की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि श्री हनुमान जन्मोत्सव का मुख्य पर्व चैत्र शुक्ला पूर्णिमा, गुरुवार, दिनांक 2 अप्रैल 2026 को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। उत्सव का आगाज़ मुख्य पर्व से तीन दिन पूर्व तेरस, मंगलवार, दिनांक 31 मार्च 2026 को प्रातः अखंड रामायण पाठ के साथ होगा, जिसकी पूर्णाहुति बुधवार मध्यान में होगी। इस पावन अवसर पर संपूर्ण मंदिर परिसर सहित समूचे बालाजी मार्केट को आकर्षक विद्युत सज्जा से जगमगाया जाएगा और भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण किया जाएगा। विशेष आकर्षण के रूप में वृंदावन से आए सिद्धहस्त कलाकारों द्वारा मंदिर में मनमोहक फूल बंगला सजाया जाएगा तथा श्री हनुमान जी महाराज का अलौकिक स्वर्ण चोला श्रृंगार किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हनुमान जी महाराज के प्रिय पारंपरिक नैवेद्य बूंदी का महाप्रसाद बड़े स्तर पर तैयार करने का निर्णय लिया गया है। इस महाप्रसाद के लिए 25 बोरी शक्कर, 75 टिन शुद्ध देसी घी और 11 बोरी बेसन का उपयोग किया जाएगा, जिसे 31 कुशल हलवाइयों की टीम द्वारा पारंपरिक लकड़ी की भट्ठियों पर निर्मित किया जाएगा। जन्मोत्सव के मुख्य दिन, 2 अप्रैल 2026 को प्रातः 6:15 बजे मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल कुमार मानसिंहका द्वारा ध्वज पूजन किया जाएगा, जिसके तत्काल बाद 24 घंटे का अखंड सस्वर संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ प्रारंभ होगा जो अगले दिन भोर तक अनवरत चलेगा।
धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में प्रातः 9:00 बजे विद्वान पंडितों द्वारा वाल्मीकि सुंदरकांड के पाठ के साथ दुग्धाभिषेक संपन्न होगा। तत्पश्चात दोपहर 12:00 बजे भक्तों को स्वर्ण चोला दर्शन, जन्मोत्सव महाआरती और महाप्रसाद वितरण का लाभ मिलेगा। संध्या काल में भक्तगण फूल बंगले में विराजित हनुमान जी के विहंगम दर्शन कर सकेंगे, जहां ख्यातनाम भजन मंडलियों द्वारा हनुमान चालीसा की सुमधुर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर प्रबंधन ने पुलिस प्रशासन से पूर्ण सहयोग लेने का भी निर्णय लिया है। यह आयोजन अपनी भव्यता और भक्ति भाव से भीलवाड़ा के धार्मिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए तैयार है।

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