भीलवाड़ा: 500 रुपये की रिश्वत लेने वाले पटवारी को 4 साल की जेल
एसीबी कोर्ट ने 10 साल पुराने मामले में तत्कालीन पटवारी दयालशंकर विश्नोई को दोषी करार देते हुए 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

भीलवाड़ा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोर्ट ने करीब दस साल पुराने रिश्वत के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तत्कालीन पटवारी को कड़ा दंड दिया है। विशिष्ट न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पवन कुमार सिंघल ने 500 रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पटवारी दयालशंकर विश्नोई को दोषी करार देते हुए 4 साल के कारावास और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
रहन मुक्ति के लिए मांगी थी रिश्वत
विशिष्ट लोक अभियोजक राजेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि "10 मार्च 2014 को सुभाषनगर निवासी प्रतापसिंह राजपूत ने एसीबी चौकी भीलवाड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी।" परिवादी अपने पार्टनर दिनेश मीणा की पांसल स्थित कृषि भूमि की देखभाल करता था। इस भूमि पर लिए गए बैंक ऋण को चुकाने के बाद जमाबंदी में 'रहन मुक्ति' (बैंक का नाम हटाने) दर्ज कराने के लिए वह पटवार हल्का पांसल के पटवारी दयालशंकर विश्नोई से मिला था। पटवारी ने इस काम के बदले 500 रुपये की मांग की थी और राशि न देने पर दस्तावेज देने से इनकार कर दिया था।
एसीबी की कार्रवाई और गिरफ्तारी
इस शिकायत पर तत्कालीन एएसपी राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एसीबी टीम ने सत्यापन करवाया। 9 मई 2014 को जाल बिछाकर एसीबी टीम ने पटवारी दयालशंकर विश्नोई को तहसील कार्यालय परिसर से 500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
न्यायालय का अंतिम निर्णय
लंबी सुनवाई और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने पटवारी को दोषी माना। विशिष्ट न्यायाधीश पवन कुमार सिंघल ने आरोपी दयालशंकर विश्नोई को "चार साल की सजा और 15 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।"

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