भीलवाड़ा: दरीबा में पैंथर ने बाड़े में घुसकर दो बछड़ों को मारा
दरीबा ग्राम पंचायत में देर रात पैंथर के हमले में दो पशुओं की मौत के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग की है।

भीलवाड़ा जिले में आदमखोर होते वन्यजीवों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरीबा ग्राम पंचायत में बीती रात एक पैंथर ने काल बनकर दस्तक दी और ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। पैंथर ने रिहायशी इलाके के पास स्थित एक बाड़े को निशाना बनाते हुए दो बछड़ों को बड़ी बेरहमी से अपना निवाला बना लिया।
चीख भी न सके मासूम: रात 3 बजे हुआ खूनी हमला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हमला रात करीब 3:00 से 4:00 बजे के बीच हुआ। जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तब पैंथर ने दरीबा गांव के पास बने पशुओं के बाड़े पर धावा बोला। पैंथर ने बाड़े में बंधे दो छोटे बछड़ों पर हमला कर उन्हें बुरी तरह नोच डाला। सुबह जब पशुपालक बाड़े में पहुँचा, तो वहाँ लहूलुहान अवशेष और मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
खौफ के साये में दरीबा: वन विभाग की सुस्ती पर फूटा गुस्सा
इस घटना के बाद से दरीबा और आस-पास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है कि पैंथर अब जंगल छोड़कर आबादी के इतने करीब पहुँच चुका है। अब रात के समय खेतों में पानी फेरने या रखवाली करने जाने से किसान कतरा रहे हैं। ग्रामीण अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश और प्रशासन से मांग
घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी गुस्सा व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि "अब बहुत हुआ! वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। हमारी मांग है कि तुरंत क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाए और इस शिकारी को रेस्क्यू किया जाए, वरना किसी दिन यह पैंथर इंसानों को अपना निशाना बना लेगा।" ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पैंथर को नहीं पकड़ा गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Pratahkal Bureau
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