भीलवाड़ा: पांसल स्कूल में बाल विवाह रोकथाम हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
महिला अधिकारिता विभाग के निर्देश पर छात्राओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 और शिक्षा के अधिकारों के प्रति शपथ दिलाकर जागरूक किया गया।

पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान जागृति सप्ताह के उपलक्ष्य में बाल विवाह जैसी घातक सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए जन-जागरूकता का शंखनाद किया गया है। महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक श्री नगेन्द्र कुमार तोलम्बिया के दिशा-निर्देशों की पालना में मंगलवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, पांसल में एक वृहद जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन हुआ, जिसका मुख्य ध्येय बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाना और समाज को इस कुप्रथा के चंगुल से मुक्त कराना रहा।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केन्द्र की केन्द्र प्रबंधक गंगा दाधीच ने उपस्थित बालिकाओं को संबोधित करते हुए बाल विवाह से होने वाले शारीरिक व मानसिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की बारीकियों को समझाते हुए सखी वन स्टॉप सेन्टर, महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र तथा पन्नाधाय सुरक्षा व सम्मान केन्द्र की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने पुरजोर शब्दों में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए बालिकाओं को अपने अधिकारों के लिए सदैव तत्पर और जागरूक रहने का आह्वान किया।
विधिक परामर्शदाता सुमन खोईवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा में बाधक है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य पर भी गहरा नकारात्मक प्रहार करता है, अतः इसे रोकना प्रत्येक सजग नागरिक का नैतिक दायित्व है। इसी क्रम में सामाजिक परामर्शदाता सीमा शर्मा ने बालिकाओं की सुरक्षा हेतु 'गुड-टच बैड-टच' के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। मनोसामाजिक परामर्शदाता सुनिता शर्मा ने प्रशासनिक सतर्कता पर बल देते हुए अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले, तो तत्काल संबंधित प्रशासन को सूचित करें ताकि समय रहते मासूमों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
समारोह के समापन चरण में विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती लता सारस्वत, अध्यापिका सजल वैष्णव, ज्योति शर्मा एवं सीमा शर्मा ने भी अपने विचार साझा कर बालिकाओं का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने कुरीतियों के विरुद्ध इस मुहिम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
