भीलवाड़ा: पांसल और समोडी तालाब से मानसून पूर्व हटेंगे अतिक्रमण और मलबा
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विधानसभा में दी जानकारी, 300 करोड़ की लागत से 200 तालाबों का होगा जीर्णोद्धार।

जयपुर, 6 मार्च। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि भीलवाड़ा के पांसल तथा समोडी तालाबों के भराव व बहाव क्षेत्र से आगामी वर्षाकाल से पहले ही अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। उन्होंने सदन को जानकारी दी कि इन तालाबों में अतिक्रमण कर मलबा डालने का विषय संज्ञान में आने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा संबंधित लीजधारी को नोटिस जारी किए गए हैं और जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा को भी इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
अतिक्रमण हटाने हेतु उच्च न्यायालय के आदेश और समिति का गठन
मंत्री श्री रावत ने बताया कि जल प्रवाह क्षेत्र के अवरोधों को हटाने के संबंध में राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनी हुई है। इस समिति में जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं जो समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। जल संसाधन मंत्री श्री रावत प्रश्नकाल के दौरान सदस्य श्री उदयलाल भडाणा द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।
200 तालाबों का 300 करोड़ की लागत से होगा जीर्णोद्धार
"मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में बजट वर्ष 2026-27 के तहत पंचायती राज विभाग से जल संसाधन विभाग में आए छोटे बांधों और तालाबों में से 200 तालाबों का चरणबद्ध रुप से 300 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्दार का कार्य करवाया जाएगा।" मंत्री ने स्पष्ट किया कि भीलवाड़ा जिले के सुरास, पांसल व समोडी तालाब पंचायत राज को हस्तान्तरित तालाबों में सम्मलित हैं जिनका कायाकल्प किया जाना प्रस्तावित है।
तालाबों में जल भराव की स्थिति और वर्तमान अवरोध
इससे पहले विधायक श्री भडाणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में जल संसाधन मंत्री ने बताया कि मानसून वर्ष 2025 के दौरान भीलवाड़ा में स्थित पांसल तालाब पूर्ण जल भराव गेज 10 फीट तक, सुरास तालाब 5.70 फीट के विरूद्ध 5.00 फीट एवं समोड़ी तालाब 7 फीट के विरूद्ध 5 फीट तक भरा। उन्होंने बताया कि सुरास तालाब के जल ग्रहण क्षेत्र में कोई अवरोध या जल आवक बाधित होना नहीं पाया गया है। उन्होंने पांसल एवं समोडी तालाबों के जल ग्रहण/जल भराव क्षेत्र में मौजूद अवरोधों का विवरण सदन के पटल पर रखा और बताया कि इन अवरोधों को हटाये जाने हेतु नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
