भीलवाड़ा: 7 क्विंटल डोडा-चूरा तस्करी मामले में मुख्य खरीदार देवा गिरफ्तार
शाहपुरा पुलिस ने नवंबर 2025 में पकड़ी गई डोडा-चूरा की बड़ी खेप के मामले में वांछित आरोपी को पकड़ा, टैंकर के जरिए हो रही थी तस्करी।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पानी के टैंकर के जरिए संचालित हो रहे डोडा-चूरा तस्करी के एक वृहद नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के उपरांत शाहपुरा थाना पुलिस ने इस अवैध खेप के मुख्य खरीदार को दबोचने में महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की है। नवंबर 2025 में घटित हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद से ही पुलिस प्रशासन तस्करी की इस संगठित कड़ी के मुख्य सरगनाओं की सघन तलाश में जुटा था, जिसके परिणामस्वरूप अब मुख्य खरीदार पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
शाहपुरा थाना पुलिस ने डोडा-चूरा की इस विशाल खेप को प्राप्त करने वाले आरोपी देवा (22), पुत्र लुम्बा, निवासी रहड़ को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के पश्चात पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि कोटड़ी पुलिस द्वारा पूर्व में जब्त किया गया 7 क्विंटल डोडा-चूरा प्रत्यक्ष रूप से देवा को ही सप्लाई किया जाना था। वर्तमान में पुलिस देवा के माध्यम से यह सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है कि वह नशे की इस भारी खेप को आगे किन-किन क्षेत्रों और उप-नेटवर्क्स में वितरित करने की योजना बना रहा था।
इस प्रकरण की पृष्ठभूमि पर दृष्टि डालें तो नवंबर 2025 के प्रथम सप्ताह में कोटड़ी थाना प्रभारी महावीर मीणा को विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि चित्तौड़गढ़ निवासी रामचंद्र देवीलाल शर्मा और उसका पुत्र मोनू मादक पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी साजिश को अंजाम दे रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गेहुंली गांव के समीप घेराबंदी की और एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली, जिसमें पानी का टैंकर लगा था, तथा उसे एस्कॉर्ट कर रही एक ऑल्टो कार को रुकवाया।
तलाशी के दौरान पानी के उस टैंकर के भीतर का दृश्य देख पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। टैंकर के अंदर प्लास्टिक के 35 कट्टों में छिपाकर रखा गया कुल 710 किलोग्राम (7 क्विंटल से अधिक) अवैध डोडा-चूरा बरामद किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से मुख्य तस्कर रामचंद्र शर्मा, उसके पुत्र मोनू शर्मा और टैंकर चालक दिनेश गुर्जर को हिरासत में लेकर एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया था।
मामले की संवेदनशीलता और व्यापकता को देखते हुए इसकी अग्रिम विवेचना शाहपुरा थाना प्रभारी को सौंपी गई थी। शाहपुरा पुलिस द्वारा पूर्व में पकड़े गए अभियुक्तों से की गई वैज्ञानिक और सघन पूछताछ के आधार पर ही इस अवैध कारोबार के वास्तविक "क्रेता" देवा की शिनाख्त कर उसे गिरफ्तार करना संभव हो पाया है। पुलिस प्रशासन को यह पूर्ण विश्वास है कि देवा से प्राप्त जानकारी के आधार पर जिले तथा प्रदेश भर में फैले मादक पदार्थों के अन्य बड़े तस्करों और इस काले साम्राज्य के प्रभावशाली चेहरों का बेनकाब होना निश्चित है।

