ओडो का खेड़ा मर्डर केस: आरोपी पक्ष का परिवार बेघर, 2 महिलाओं और 8 बच्चों ने SP से मांगी सुरक्षा
भीलवाड़ा के ओडो का खेड़ा मर्डर केस में आरोपी पक्ष के परिवार ने जान से मारने की धमकियों का आरोप लगाते हुए SP से सुरक्षा और घर में सुरक्षित वापसी की मांग की।

तस्वीर में भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के बाहर खड़े परिवार के सदस्य और बच्चे सुरक्षा की मांग को लेकर पहुंचे नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा शहर कोतवाली क्षेत्र के बहुचर्चित ओडो का खेड़ा हत्या मामले में एक नया और संवेदनशील मोड़ सामने आया है। मामला अदालत में विचाराधीन होने के बावजूद आरोपी पक्ष के परिवार ने जान का खतरा बताते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) से सुरक्षा और अपने घर में सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों के कारण दो महिलाओं और आठ छोटे बच्चों को अपना घर छोड़कर दर-दर भटकना पड़ रहा है।
परिवार की ओर से भोंपू लाल ओड ने बताया कि पूरा विवाद 4 मार्च को ओडो का खेड़ा में पारिवारिक रंजिश और आपसी कहासुनी से शुरू हुआ था। झगड़े के बाद दूसरे पक्ष के पेमालाल ओड ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस मामले में परिवार के 7 पुरुष और 2 महिलाएं जेल में बंद हैं।
भोंपू लाल ओड के अनुसार, घर के बाहर केवल 2 महिलाएं और 8 छोटे बच्चे बचे हैं, जो पिछले साढ़े चार महीने से आश्रय की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। उनका कहना है कि घटना के दिन शहर कोतवाली पुलिस इन महिलाओं और बच्चों को उनके सुपुर्द कर गई थी, लेकिन अब राहुल ओड नाम का व्यक्ति फोन पर लगातार धमकियां दे रहा है कि परिवार को कोई भी आश्रय न दे, अन्यथा अंजाम बुरा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के पास न रहने के लिए छत बची है, न खाने-पीने का राशन और न ही पहनने-ओढ़ने के कपड़े तथा बिस्तर।
पीड़िता अंशी ने आरोप लगाया कि राहुल ओड उन्हें उनके ही घर में प्रवेश नहीं करने दे रहा है। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण परिवार भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल ओड ने उनकी केबिनों में रखा सारा सामान चोरी कर बेच दिया है। उनका दावा है कि इस संबंध में सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी मौजूद है। परिवार का कहना है कि जब भी वे किसी रिश्तेदार के यहां शरण लेने जाते हैं, तो संबंधित लोगों को भी जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं।
मामला अदालत में विचाराधीन होने और फैसले में समय लगने की संभावना के बीच परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उन्हें उनके मूल निवास में सुरक्षित वापसी कराई जाए, परिवार के सदस्यों और बच्चों को कड़ी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए तथा सामान चोरी करने और धमकियां देने के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
परिवार की सदस्य अंशी ने कहा, "राहुल ने हमारी केबिनों में रखा सारा सामान चोरी कर बेच दिया है। इसका सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी मौजूद है। जब भी हम किसी रिश्तेदार के घर शरण लेने जाते हैं, तो वह उन्हें भी जान से मारने की धमकी देता है।"

Pratahkal Bureau
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