भीलवाड़ा में शुरू होगा राष्ट्रीय प्रवासन सर्वेक्षण, सही जानकारी से बनेंगी रोजगार और जनकल्याण की बेहतर योजनाएँ
भीलवाड़ा जिले में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) के 81वें दौर के तहत प्रवासन सर्वेक्षण शुरू किया जा रहा है। अधिकृत प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। जानिए किन क्षेत्रों का चयन हुआ है, कौन-कौन सी जानकारी ली जाएगी और यह सर्वेक्षण भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भीलवाड़ा, 31 जुलाई। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) के 81वें दौर के अंतर्गत प्रवासन (Migration) विषय पर जुलाई 2026 से जून 2027 तक देशभर में चार चरणों में महत्वपूर्ण सर्वेक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में भीलवाड़ा जिले के चयनित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भी यह सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसका उद्देश्य प्रवासन से जुड़े सामाजिक और आर्थिक पहलुओं की व्यापक जानकारी जुटाना है।
आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, भीलवाड़ा की उपनिदेशक डॉ. सोनल राज कोठारी ने बताया कि वर्तमान समय में रोजगार, शिक्षा, विवाह एवं अन्य कारणों से बड़ी संख्या में लोग अपने मूल निवास स्थान से अन्य क्षेत्रों में रह रहे हैं। इस सर्वेक्षण के माध्यम से प्रवासन के प्रमुख कारणों, परिवार से उनके संबंध, परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले प्रभाव तथा प्रवास से जुड़े विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं की जानकारी एकत्रित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार भविष्य में रोजगार, शिक्षा, आवास, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी और आवश्यकता आधारित बना सकेगी।
उन्होंने बताया कि जिले में सर्वेक्षण के लिए ग्रामीण क्षेत्र के 28 तथा शहरी क्षेत्र के 12 नमूना (सैंपल) क्षेत्रों का चयन किया गया है। प्रथम चरण के तहत अगस्त माह के प्रथम एवं द्वितीय सप्ताह में शाहपुरा के नर्सिंगपुरा, कोटड़ी के गोठड़ा, मांडलगढ़ के देवलीपुरा, आसीन्द के सापोला तथा माण्डल क्षेत्र के भादू एवं करेड़ा गांवों में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकृत प्रगणक घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे।
सर्वेक्षण के दौरान परिवार से सामान्य जानकारी के साथ-साथ प्रवासन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी एकत्रित की जाएंगी। इसके तहत उन परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी ली जाएगी जो रोजगार, शिक्षा, विवाह अथवा अन्य कारणों से घर से बाहर रह रहे हैं। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि वे किस शहर, राज्य अथवा देश में रहते हैं, वर्ष में कितनी बार घर आते हैं, क्या वे परिवार को आर्थिक सहायता भेजते हैं, उस राशि का उपयोग किन कार्यों में किया जाता है, प्रवासन का मुख्य कारण क्या है तथा इसका परिवार पर क्या प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा परिवार एवं प्रवासी सदस्यों से संबंधित आवश्यक सांख्यिकीय जानकारी भी संकलित की जाएगी।
डॉ. सोनल राज कोठारी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि जब विभाग के अधिकृत प्रगणक सर्वेक्षण के लिए उनके घर आएं तो उन्हें सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त सभी जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी किसी अन्य विभाग अथवा संस्था के साथ साझा नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रत्येक सही जानकारी सरकार को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी योजनाओं के निर्माण में सहायता प्रदान करेगी। इसलिए जिले के सभी नागरिक राष्ट्रीय महत्व के इस सर्वेक्षण में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

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