भीलवाड़ा में नीट परीक्षा में कथित धांधली, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और व्यापक शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के प्रथम चरण के तहत शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम जिलाधिकारी (जिलाध्यक्ष) भीलवाड़ा को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान भारतीय विद्यार्थी मोर्चा एवं भारत मुक्ति मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों, युवाओं एवं आम नागरिकों ने भाग लिया।

भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने बताया कि राष्ट्रव्यापी आंदोलन के प्रथम चरण के अंतर्गत देश के सभी जिला कलेक्टर कार्यालयों पर ज्ञापन देने का कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसके तहत भीलवाड़ा में ज्ञापन सौंपा गया, जबकि आंदोलन के दूसरे और तीसरे चरण में राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल सिंघानिया ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि नीट एवं यूजी परीक्षा में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और धांधली ने देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य तथा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से इस प्रकरण का समाधान नहीं हो सकता। पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में मांग की गई कि वर्तमान नीट परीक्षा प्रणाली की समीक्षा करते हुए चिकित्सा प्रवेश परीक्षा का संचालन एआईआईएमएस की निगरानी में पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से कराया जाए। साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा नीट, एसएससी (सीजीएल) सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार होने वाले पेपर लीक पर सख्त रोक लगाई जाए। ज्ञापन में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लेने तथा छात्र उत्पीड़न के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई।

इसके अलावा शिक्षा के निजीकरण, विद्यालयों के बंद होने और बढ़ते ड्रॉपआउट को रोकने के लिए नई शिक्षा नीति में आवश्यक संशोधन करने, देश में समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने तथा सभी विद्यार्थियों के लिए न्यायसंगत समान फीस नीति बनाने की मांग रखी गई। ज्ञापन में उत्तर प्रदेश स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की काटी गई लगभग 52 प्रतिशत सीटों को पुनः बहाल करने, केंद्र एवं राज्य सरकारों के सभी विभागों में वर्षों से रिक्त पड़े पदों पर तुरंत नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने तथा वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की भी मांग शामिल रही।

ज्ञापन में छात्राओं के साथ होने वाले शोषण पर प्रभावी रोक लगाकर उनके अधिकारों और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन प्रस्तुत करने के दौरान मोतीलाल सिंघानिया (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय विद्यार्थी छात्रावास संघ, नई दिल्ली), राधेश्याम एरवाल (राष्ट्रीय महासचिव सोशल मीडिया भारतीय विद्यार्थी मोर्चा), रामेश्वर दसलानिया, सुरेश प्रजापत, रमेश कीर, ओम प्रकाश रेगर, चन्द्र प्रकाश लौहार, हीरालाल बेरवा, मेघराज (पेंटर), एडवोकेट भैरूलाल बैरवा, सीताराम रेगर, श्यामलाल धोबी, लाला राम रेगर, मुकेश रेगर, ओम प्रकाश रेगर (आसोप), माधुलाल खटीक, नंदलाल धोबी और रोहित मेहरा सहित अन्य उपस्थित रहे। राष्ट्रव्यापी आंदोलन के प्रथम चरण के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और विभिन्न शिक्षा संबंधी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story