भीलवाड़ा एनडीपीएस कोर्ट का फैसला: तस्कर दुर्गेश गुर्जर को 12 साल की जेल
विला में सेक्स रैकेट पर छापे के दौरान 74 किलो गांजा बरामदगी मामले में अदालत ने आरोपी पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

भीलवाड़ा की यूनिक बिल्डर कॉलोनी स्थित विला नंबर-87 जहां पुलिस ने वर्ष 2020 में छापेमारी कर भारी मात्रा में गांजा बरामद किया था।
भीलवाड़ा के विशिष्ट न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट प्रकरण) जगदीशप्रसाद शर्मा ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी दुर्गालाल उर्फ दुर्गेश गुर्जर को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी पर 1 लाख 20 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। यह पूरा मामला यूनिक बिल्डर कॉलोनी स्थित एक आलीशान विला में सेक्स रैकेट के विरुद्ध की गई कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में गांजा बरामदगी से जुड़ा हुआ है।
सेक्स रैकेट पर छापे के दौरान हुआ था नशे का खुलासा
विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरुप गुर्जर ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 8 जनवरी 2020 की है। उस समय तत्कालीन डीएसपी ने मांडल थाना अधिकारी को टेलीफोन के जरिए सूचना देते हुए मौके पर बुलाया था। सूचना यह थी कि "भीलवाड़ा के बड़लियास हाउस के पास स्थित यूनिक बिल्डर कॉलोनी के विला नंबर-87 में अनैतिक गतिविधियां (सेक्स रैकेट) संचालित हो रही हैं।" जब पुलिस टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंची, तो वहां डीएसपी मांडल द्वारा 'पीटा एक्ट' के तहत पहले से ही कार्रवाई की जा रही थी।
कमरे की तलाशी में मिला 74 किलो गांजा
पुलिस ने जब मकान की गहनता से तलाशी ली, तो ऊपरी मंजिल पर बने एक कमरे में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ देखकर अधिकारी दंग रह गए क्योंकि वहां से 74 किलो गांजा बरामद किया गया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि तिलकनगर निवासी दुर्गालाल उर्फ दुर्गेश पुत्र धन्नालाल गुर्जर ने यह विला किराए पर ले रखा था। वह वहां सेक्स रैकेट संचालित करने के साथ-साथ भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ भी छिपाकर रखता था। पुलिस ने तुरंत गांजा जब्त कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
9 गवाहों और 54 दस्तावेजों ने सिद्ध किया जुर्म
न्यायालय में चले ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने तथ्यों को मजबूती से पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय के समक्ष 9 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए और 54 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। इन सबूतों के आधार पर दुर्गेश गुर्जर पर लगे आरोपों को संदेह से परे सिद्ध किया गया। अदालत ने अपराध की प्रकृति और समाज पर इसके प्रभाव को देखते हुए आरोपी को 12 साल की जेल और जुर्माने की सजा से दंडित किया है, जिसके बाद नशा तस्करों के बीच हड़कंप व्याप्त है।

Pratahkal Bureau
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