भीलवाड़ा-राजसमंद हाईवे पर स्थित नौगांवा चौराहा क्षेत्र के जंगलों में गुरुवार दोपहर उस वक्त भीषण तबाही मच गई, जब अज्ञात कारणों से भड़की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूखी झाड़ियों और घास के ढेर से शुरू हुई यह अग्नि देखते ही देखते हवा के झोंकों के साथ करीब 15 बीघा के विशाल भू-भाग में फैल गई। आसमान में उठते धुएं के गुबार और आग की ऊंची लपटों ने समूचे इलाके को दहशत में डाल दिया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के बीच भारी अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुर थाना पुलिस सक्रिय हुई और सहायक उप निरीक्षक जमना लाल मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे। शुरुआती दौर में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग को नियंत्रित करने का भरसक प्रयास किया, किंतु आग की प्रचंडता के आगे वे विवश नजर आए। पुलिस प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल नगर निगम भीलवाड़ा से संपर्क कर दमकल की गाड़ियों को तलब किया। नगर निगम की दो दमकलें घटनास्थल पर पहुंचीं और अग्निशमन कर्मियों ने मोर्चा संभाला। पुलिस, दमकल कर्मियों और ग्रामीणों के बीच चले तीन घंटे के निरंतर संयुक्त ऑपरेशन के पश्चात आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

इस भीषण अग्निकांड ने पर्यावरण और पारिस्थितिकी को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। आग की चपेट में आने से 15 बीघा क्षेत्र में खड़े अनगिनत हरे पेड़-पौधे जलकर खाक हो गए और वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास पूरी तरह नष्ट हो गया। पुर थाना पुलिस के अनुसार आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है और इस संबंध में विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रकृति और जनजीवन के बीच घटित इस घटना ने सूखे के मौसम में जंगलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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