भीलवाड़ा: स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी तेज, आयुक्त ने अधिकारियों को दिए वार्ड गोद
आयुक्त हेमाराम चौधरी ने मैराथन बैठक कर अधिकारियों को सफाई, सौंदर्यकरण और सिटिजन फीडबैक सुनिश्चित करने हेतु एक-एक वार्ड का जिम्मा सौंपा।

भीलवाड़ा नगर निगम सभागार में आयुक्त हेमाराम चौधरी ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों और वार्ड सुपरविजन को लेकर सफाई एवं तकनीकी अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की।
भीलवाड़ा। आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहे, इस उद्देश्य के साथ नगर निगम प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी द्वारा निगम मीटिंग हॉल में तकनीकी एवं सफाई अधिकारियों की करीब दो घंटे तक चली एक महत्वपूर्ण मैराथन बैठक आयोजित की गई। आयुक्त चौधरी ने अधिकारियों को सचेत करते हुए बताया कि आगामी पखवाड़े में स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के भीलवाड़ा आगमन की प्रबल संभावना है, जिसे देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप देना अनिवार्य है।
बैठक के दौरान आयुक्त ने सर्वेक्षण के समस्त मापदंडों की बारीकी से समीक्षा की और भीलवाड़ा को शीर्ष रैंकिंग दिलाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के विभिन्न डिवाइडर, प्रमुख चौराहों, वाटर बॉडीज, सार्वजनिक परिवहन स्थलों, आम रास्तों सहित नाले और नालियों की सघन सफाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, आमजन के बीच 'सिटिजन फीडबैक' की प्रक्रिया को तेज करने और नागरिकों को अधिक से अधिक फीडबैक देने हेतु प्रेरित करने पर विशेष बल दिया गया। शहर के सौंदर्यकरण और जागरूकता के लिए प्रमुख स्थानों एवं चौराहों पर पोस्टर व बैनर चस्पा किए गए हैं। साथ ही, राजस्व वृद्धि और नियमों की पालना हेतु शहरवासियों को यूजर चार्ज समय पर जमा करवाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निगम ने इस बार कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को एक-एक वार्ड गोद देने का निर्णय लिया है। अब निगम का समस्त स्टाफ धरातल पर उतरेगा और प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था, सौंदर्यकरण, अतिक्रमण हटाने, अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने, उद्यानों के रखरखाव तथा जन जागरूकता अभियान का प्रत्यक्ष सुपरविजन करेगा। निगम प्रशासन का यह कड़ा रुख और सक्रिय रणनीति भीलवाड़ा को स्वच्छता के मानचित्र पर एक आदर्श शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

