पेराफेरी क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के बाहर होने से निगम के भविष्य पर मंडराने लगे संकट के बादल
भीलवाड़ा नगर निगम के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। पेराफेरी क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के बाहर होने से जनसंख्या मानकों को लेकर नई बहस छिड़ गई है और निगम का दर्जा चर्चा में है।

नगर निगम का दर्जा मिलने के कुछ ही समय बाद भीलवाड़ा के प्रशासनिक भविष्य को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, नगर निगम के लिए आवश्यक जनसंख्या मानकों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से शहर के निगम बने रहने पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम गठन के समय पेराफेरी क्षेत्र के अनेक गांवों को शहर की आबादी में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया था। तत्कालीन सभापति राकेश पाठक ने सुवाणा पंचायत समिति क्षेत्र के गांवों को नगर निगम सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं की उम्मीद जगी थी।
हालांकि, ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और सरपंचों ने इस निर्णय का विरोध करते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ में याचिका दायर कर दी। मामले में अंतिम निर्णय आने से पहले ही राज्य सरकार ने संबंधित ग्राम पंचायतों को पुनः बहाल करने का आदेश जारी कर दिया।
इस फैसले के बाद वे ग्रामीण, जो नगर निगम क्षेत्र में शामिल होकर बेहतर नागरिक सुविधाएं प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे थे, निराश हो गए। अब जनसंख्या के मानक पूरे होने को लेकर प्रश्न उठने लगे हैं।
नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने कहा कि आधिकारिक जनसंख्या आंकड़े अभी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार चाहे तो विशेष छूट देकर भीलवाड़ा को नगर निगम बनाए रख सकती है।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम के लिए लगभग पांच लाख की आबादी आवश्यक मानी जाती है। पेराफेरी क्षेत्र के गांव शामिल रहने पर यह संख्या मानक से ऊपर पहुंच सकती थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में आबादी का आंकड़ा अपेक्षित स्तर से कम बताया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में भीलवाड़ा के नगर निगम दर्जे पर निर्णय महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
