राजस्थान की वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में सूदखोरी का एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला प्रकरण सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। शहर के एक रसूखदार सूदखोर चंद्रशेखर उर्फ रवि उर्फ डेविड खटीक पर एक हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद करने और युवक को बंधक बनाकर जानलेवा हमले की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगा है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के कड़े रुख के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।

पुरानी धानमंडी निवासी पीड़ित दीपक खोईवाल ने पुलिस अधीक्षक को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि यह खौफनाक खेल करीब 4 साल पहले शुरू हुआ था। दीपक के भाई ने अपनी तात्कालिक आवश्यकता के लिए डेविड से 4 लाख रुपये और स्वयं दीपक ने 50 हजार रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि महज 4.5 लाख रुपये के मूलधन के बदले आरोपी ब्याज और भारी-भरकम पेनल्टी के नाम पर अब तक 65 लाख रुपये से अधिक की अवैध वसूली कर चुका है। इस प्रताड़ना का आलम यह है कि पीड़ित का भाई पिछले डेढ़ साल से अपना घर छोड़कर बाहर रहने को विवश है।

घटनाक्रम ने 17 अप्रैल को तब हिंसक मोड़ ले लिया जब आरोपी डेविड ने दीपक को बीच रास्ते में रोक लिया और गोली मारने की धमकी देकर जबरन अपने कार्यालय ले गया। वहां आरोपी के मुनीम यशवंत सोनी और एक अन्य व्यक्ति ने मिलकर दीपक को डंडों से बेरहमी से पीटा। जुल्म की पराकाष्ठा तब हुई जब आरोपी ने दीपक के सिर पर पिस्तौल तान दी और 30 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग रख दी। इस दौरान आरोपी ने पीड़ित का मोबाइल फोन खुलवाकर उसकी पत्नी की तस्वीरें खींच लीं और धमकी दी कि वह इन तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से अश्लील बनाकर बेचेगा और पैसा कमाएगा। आरोपी ने दीपक की जेब से 8,500 रुपये भी लूट लिए और सोमवार तक मांग पूरी न होने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी।

इस माफिया के दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह खुलेआम पुलिस तंत्र में अपनी 'व्यवस्था' होने का दावा करता है। डेविड ने पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि उस पर पहले से ही 20 मुकदमे दर्ज हैं और एक और मुकदमा दर्ज होने से उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। दहशतजदा पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 115(2), 127(2), 308(2), 303(2) और 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है, जिसकी जांच सब इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार द्वारा की जा रही है।

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