श्मशान भूमि अतिक्रमण पर विधायक अशोक कोठारी ने विधानसभा में उठाए सवाल
भीलवाड़ा विधायक ने राजस्व रिकॉर्ड में श्मशान भूमि के आरक्षण, सुगम मार्ग और अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सरकार से समयबद्ध कार्ययोजना मांगी है।

राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी श्मशान घाटों की भूमि और मार्ग के संरक्षण हेतु राजस्व मंत्री से जवाब मांगते हुए।
भीलवाड़ा, 28 फरवरी। भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राजस्थान विधानसभा में श्मशान भूमियों के मार्गाधिकार और अतिक्रमण के मुद्दे पर तारांकित प्रश्न उठाकर सरकार से ठोस कार्ययोजना की मांग की है। उन्होंने राजस्व मंत्री से प्रदेशभर में श्मशान भूमियों की वर्तमान स्थिति, राजस्व अभिलेखों में उनके आरक्षण तथा अतिक्रमण हटाने के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी।
राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट आरक्षण की मांग
विधायक कोठारी ने सदन में कहा कि "अनेक स्थानों पर श्मशान भूमि और वहां तक जाने वाले मार्ग राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से आरक्षित नहीं हैं, जिससे अतिक्रमण और विवाद की स्थिति बन रही है।" उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या प्रशासन ऐसी भूमियों को विधिवत राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज कर सुरक्षित करने की योजना बना रही है।
खातेदारी भूमि और विनिमय का सुझाव
विधायक कोठारी ने यह भी जानना चाहा कि क्या कुछ स्थानों पर श्मशान खातेदारी भूमि स्थित है और यदि ऐसा है तो भीलवाड़ा जिले के किन-किन गांवों में यह स्थिति है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव दिया कि "यदि कोई खातेदार सार्वजनिक हित में भूमि समर्पित करता है तो उसे इस भूमि के बदले अन्यत्र भूमि आवंटन की व्यवस्था की जाए।"
प्रदेशव्यापी विशेष अभियान और सुगम मार्ग
कोठारी ने पुरजोर मांग की कि "प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाकर श्मशान भूमियों तक जाने वाले रास्तों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए तथा वहां पक्का निर्माण कराया जाए ताकि आमजन को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर सम्मानजनक और सुगम सुविधा मिल सके।" उन्होंने सरकार से इस गंभीर विषय के संबंध में एक समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने की मांग की है।

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