भीलवाड़ा, 18 मार्च। राजस्थान में स्थायी पूर्ण दिव्यांग घोषित सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति देने के नियमों में व्याप्त विसंगतियों और आयु सीमा के पेचीदा मुद्दे पर भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राज्य सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की पुरजोर मांग की है। विधायक कोठारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से व्यक्तिगत भेंट कर उन्हें एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने राजस्थान अनुकम्पा नियुक्ति नियम 2023 के तहत आयु सीमा की बाध्यता के कारण पात्र आश्रितों को हो रही समस्याओं और आवेदनों के निरस्त होने की गंभीर स्थिति से अवगत कराया। विधायक ने विशेष रूप से ध्यानाकर्षण किया कि वर्तमान में आयु सीमा 55 वर्ष निर्धारित होने के चलते कई जरूरतमंद परिवारों के आवेदन खारिज किए जा रहे हैं, अतः क्या सरकार जनहित में इस आयु सीमा को संशोधित कर सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष तक लागू करने पर विचार कर रही है।

विधायक कोठारी ने सरकार के समक्ष तकनीकी बिंदुओं को रखते हुए स्पष्ट किया कि 2 सितंबर 2024 को जारी परिपत्र में 26 अप्रैल 2023 से पूर्व की दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में मेडिकल बोर्ड प्रमाण-पत्र के आधार पर प्रकरण स्वीकार करने का प्रावधान तो किया गया, किंतु इसमें 55 वर्ष की आयु सीमा का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इस अस्पष्टता के कारण लाभार्थियों में भारी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने नियम 2023 के नियम 14 'कठिनाइयों के निवारण की शक्ति' का हवाला देते हुए सरकार से प्रश्न किया कि क्या राज्य सरकार को इस संबंध में विशेष आदेश जारी करने का अधिकार प्राप्त है और यदि ऐसा है, तो अब तक कितने प्रकरणों में इस शक्ति का प्रयोग कर राहत प्रदान की गई है। साथ ही, उन्होंने कार्मिक विभाग की वेबसाइट से आदेश संख्या 5(1) कार्मिक/क-2/2022 को हटाए जाने के कारणों पर भी जवाब मांगा है।

विधायक ने सरकार से वर्ष 2023 से 2026 तक अनुकम्पा नियुक्ति नियम 2023 के अंतर्गत प्राप्त कुल आवेदनों, 55 वर्ष की आयु सीमा के कारण निरस्त हुए मामलों और उन विशिष्ट प्रकरणों का विवरण मांगा है जहाँ कर्मचारी दुर्घटना के समय 55 वर्ष से कम आयु का था, परंतु मेडिकल बोर्ड की देरी के कारण उसे अपात्र घोषित कर दिया गया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया कि पात्रता निर्धारण में आधार दुर्घटना/बीमारी की तिथि को माना जाएगा या मेडिकल बोर्ड के प्रमाण-पत्र की तिथि को। कोठारी ने राज्य में विभागवार स्थायी पूर्ण दिव्यांग कर्मचारियों की कुल संख्या और नियमों में संभावित संशोधनों की भविष्य की रणनीति पर भी स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है ताकि दिव्यांग कर्मचारियों के आश्रितों को न्याय मिल सके।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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