भीलवाड़ा: नौकरी का झांसा देकर नाबालिग का अपहरण और गैंगरेप, खाकी की कार्यप्रणाली पर भी उठे गंभीर सवाल

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के बडलियास थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर न केवल अगवा किया गया, बल्कि कई दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पीड़िता के पिता ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के समक्ष पेश होकर पुलिस की कार्यप्रणाली और एएसआई स्तर के अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। न्याय की गुहार लगाते हुए पिता ने बताया कि पुलिस ने न केवल दोषियों को बचाने का प्रयास किया, बल्कि पीड़िता पर गलत बयान देने का दबाव भी बनाया।

घटनाक्रम की शुरुआत 5 दिसंबर को हुई, जब परिवादी की नाबालिग बेटी घर से अचानक लापता हो गई। काफी तलाश के बाद 10 दिसंबर को पुलिस ने उसे उदयपुर से दस्तयाब किया और बडलियास थाने लेकर आई। परिवादी का आरोप है कि थाने में तैनात एक एएसआई ने उसकी बेटी को डराया-धमकाया और वास्तविक घटना को छिपाने के लिए मनगढ़ंत बयान देने पर मजबूर किया। इसके बाद पीड़िता को भीलवाड़ा के सखी सेंटर भेजा गया, जहां दबाव के चलते उसने वही बयान दोहराए जो पुलिस ने उसे सिखाए थे। हालांकि, घर लौटने के बाद जब बेटी की खामोशी और मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी, तो परिजनों ने विश्वास में लेकर उससे पूछताछ की, जिसके बाद रूह कंपा देने वाला सच सामने आया।

पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने उसे शहर में अच्छी नौकरी दिलाने का लालच दिया और बडलियास से भीलवाड़ा जाने वाली बस में बैठा दिया। जब वह भीलवाड़ा के अहिंसा सर्किल पहुंची, तो वहां पहले से मौजूद एक कार से चार-पांच अज्ञात व्यक्ति उतरे। उन्होंने पीड़िता के मुंह पर नशीला पदार्थ लगा रुमाल सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने खुद को एक अनजान कमरे में कैद पाया। पीड़िता के अनुसार, वहां तीन-चार दरिंदों ने उसे दो-तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा और उसके साथ बार-बार गैंगरेप किया।

अंधेरे कमरे में कैद पीड़िता ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक आरोपी की जेब से मोबाइल निकाल लिया और अपनी सहेली को मैसेज कर अपनी लोकेशन और आपबीती बताई। सहेली ने तुरंत यह संदेश पीड़िता के भाई तक पहुँचाया, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी आधार पर लोकेशन ट्रेस कर उसे उदयपुर से बरामद किया। पिता का गंभीर आरोप है कि आरोपी उसकी बेटी को किसी अन्य स्थान पर बेचने की फिराक में थे। उन्होंने पुलिस पर मेडिकल जांच में देरी करने और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल, इस शिकायत के बाद जिला पुलिस प्रशासन हरकत में आया है और मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी गई है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story