भीलवाड़ा: मनरेगा के नाम परिवर्तन के विरोध में कांग्रेस का विशाल धरना प्रदर्शन
पूर्व मंत्री रामलाल जाट के नेतृत्व में कांग्रेस ने मनरेगा में बदलाव और लंबित भुगतान को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

भीलवाड़ा जिला कलेक्टरी पर बुधवार को मनरेगा के मूल स्वरूप की बहाली और न्यूनतम वेतन 400 रुपये करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते पूर्व मंत्री रामलाल जाट व अन्य कांग्रेस पदाधिकारी।
'मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, बल्कि भूखे पेट को रोटी और हाथों को काम देने की गारंटी है। 'गारंटी' शब्द हटाकर सरकार ने इसकी आत्मा को कमजोर कर दिया है - जाट'
धरना प्रदर्शन और नेतृत्व
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आदेशानुसार एव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार "मनरेगा बचाओ महासंग्राम" के तहत दिनाक 4 फ़रवरी, 2026 बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) के जिलाध्यक्ष रामलाल जाट के नेतृत्व में जिला कलेक्टरी भीलवाड़ा पर विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित हुआ। जिसमे जिले के मजदूर, किसान, आमजन उपस्थित हुए थे सभी ने अपने विचार रखे थे।
मजदूरों और मेट की व्यथा
नरेगा मजदूरो/ मेट ने अपने उद्दबोधन में कहा की जब से बीजेपी सरकार सता में आई तब से नरेगा में काम नहीं मिल रहा हे काम मांगने पर भी काम नहीं दे रहे हे और जो काम किया उसका समय पर मजदूरी नहीं आ रही हे। दो साल हो गए हे समय पर मजदूरी नहीं मिली।
रामलाल जाट के संबोधन के मुख्य बिंदु
- "केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) किया है बीजेपी आमजन को भ्रमित कर कह रही है की मनरेगा का नाम जी राम जी किया है जो अगर बिल में जी राम जी का नाम रिकॉर्ड में लाते है, तो कांग्रेस इसका विरोध नहीं करती।"
- "केंद्र सरकार ने कहा अब 125 दिन का काम मिलेगा लेकिन गहलोत सरकार ने जिस मज़दूर के 100 दिन भर गए थे उनको 25 दिन का अतिरिक्त काम दिया कुल 125 दिन का काम मिला जैसे ही राज्य में बीजेपी सरकार सत्ता में आई किसी भी मजदूर के 100 दिन नहीं भरे 45 दिन का एवरेज रहा तो फिर कैसे 125 दिन का काम देंगे, काम कहा से किसको देंगे केवल दिखावें के लिए कर रहें।"
- "मजदूरों को 2 साल से समय पर भुगतान नहीं हुआ हमारी माँग है की जिस प्रकार सरकारी कर्मचारी को महीना भरते ही वेतन मिल जाता है उसी प्रकार मजदूर को हफ्ता भरते ही भुगतान मिले, अगर भुगतान बकाया रहता है, तो उसका ब्याज देवें।"
- "केंद्र सरकार कह रही है फसल कटाई के समय 2 माह मनरेगा बन्द रहेगा, यह अधिकार पहले ग्राम पंचायत के पास था कि जब भी फसल कटें तब मनरेगा का बन्द रहेगी। हर प्रदेश में फसल का कार्य अलग-अलग समय में रहता है। इसलिए यह अधिकार ग्राम पंचायत के पास पहले ही था, अब 2 माह बन्द करने का क्या कारण है।"
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
काम की गारंटी, मज़दूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी, मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी, काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली और न्यूनतम वेतन 400 रुपये।
आर्थिक प्रभाव और आंदोलन की चेतावनी
जाट ने कहा की जब तक यह बिल वापस नहीं लिया जाता है तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ओम नारानीवाल ने अपने संबोधन में कहा की "मनरेगा से मार्केट चलता था गांव का पैसा शहर में आता था लेकिन अब मनरेगा बंद होगी तो महंगाई बढ़ेगी देश के आर्थिक हालत खराब होंगे।"
ज्ञापन और नवनियुक्त पदाधिकारी का स्वागत
धरने के समापन के बाद जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग करते हुये ज्ञापन सोपा गया। कार्यक्रम के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी महिला (देहात) के जिला अध्यक्ष के पद पर सुशीला सालवी पूर्व जिला प्रमुख मनोनीत होने पर रामलाल जी जाट एव उपस्थिति पदाधिकारियों ने स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन महेश सोनी ने किया।
उपस्थित गणमान्य जन
कार्यक्रम में अक्षय त्रिपाठी, कैलाश व्यास, हंगामी लाल मेवाड़ा, राजेन्द्र त्रिवेदी, ओम नारानीवाल, रणदीप त्रिवेदी, गोवर्धन गुर्जर, शंकर लाल गाडरी, सुशीला सालवी, चेतन पेसवानी, महेश सोनी, ईश्वर खोईवाल, शंकर लाल कुमावत, जितेंद्र मूंदड़ा, संदीप जीनगर, मधु जाजू, हेमेन्द्र शर्मा, आशीषराजथला, श्याम लाल गुर्जर, भंवर गर्ग, अनिल राठी, हेमेन्द्र शर्मा, सुमित कालिया, डॉ फ़रियाद मोहम्मद, योगेश सोनी, विकास सुवालका, ओम तेली, राजू डीडवानिया, अर्चना दुबे, अविनाश शर्मा, भेरू लाल बैरवा, चंद्र प्रकाश अमरवाल, अशोक जैन, संदीप जीनगर, हरफूल जाट सहित कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ कांग्रेस जन, पीसीसी सदस्य, जिला कांग्रेस के पूर्व पदाधिकारी, पूर्व विधायक/विधायक प्रत्याशी, पंचायती राज के निर्वाचित जन प्रतिनिधि/प्रत्याशी, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, ब्लॉक/मण्डल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता, कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

