भीलवाड़ा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन मतदाता सूची निरीक्षण अभियान (SIR) 2026 अपनी पारदर्शिता और सटीकता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। भीलवाड़ा शहर में इस अभियान के दौरान सामने आ रही गंभीर तकनीकी त्रुटियों और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार को कांग्रेस सेवादल के प्रतिनिधियों ने इन खामियों के विरोध में हुंकार भरते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) अक्षय सिंह को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और इस प्रक्रिया में सुधार की पुरजोर मांग की। इस विरोध प्रदर्शन की एक प्रतिलिपि जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा शहर के जिलाध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है, जिससे इस मुद्दे की राजनीतिक गंभीरता और बढ़ गई है।

अभियान के दौरान सामने आई विसंगतियों का उल्लेख करते हुए B.L.A.2 योगेश सोनी ने बताया कि मैपिंग प्रक्रिया में भारी लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां मतदाताओं के नाम वर्ष 2002 की वोटर लिस्ट में होने और निर्धारित फॉर्म जमा करने के बावजूद उन्हें नोटिस थमा दिए गए। विडंबना यह है कि मैपिंग प्रक्रिया में पिता के विवरण से एक बेटे का नाम तो जुड़ गया, लेकिन खुद पिता का या दूसरे बेटे का नाम सूची से गायब है। वहीं, कुछ परिवारों में पिता की मृत्यु के पश्चात एक भाई का नाम पुरानी सूची में मिल रहा है, जबकि दूसरे भाई के पास पर्याप्त दस्तावेज न होने के कारण वह मतदान के अधिकार से वंचित होने की कगार पर है।

प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि जिन मतदाताओं ने लिखित में जानकारी दी कि उनका नाम मध्य प्रदेश के नीमच में जुड़ चुका है और वे अब भीलवाड़ा में नाम नहीं रखना चाहते, उनकी भी जबरन मैपिंग कर दी गई। इसके साथ ही, परिवारों को भौगोलिक रूप से विभाजित करने की समस्या भी विकराल हो गई है; एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग भाग संख्या (बूथ) में डाल दिए गए हैं। प्रतिनिधियों ने मांग की है कि जिनके पास 2002 की सूची में नाम नहीं है, लेकिन 1995 का आधिकारिक वोटर आईडी कार्ड है, उन्हें भी प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, मतदान केंद्रों की लंबी दूरी और गलत पतों को दुरुस्त करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया।

प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए SDM अक्षय सिंह ने आश्वस्त किया कि प्रशासन किसी भी पात्र मतदाता का नाम कटने नहीं देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के पास पुराने दस्तावेज नहीं हैं, वे अपना मूल निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसके आधार पर समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में सेवादल के मोहम्मद हारून रंगरेज (MHR), कुन्दन शर्मा, शिवराज सुराणा, संदीप टेलर, अरुण राय, मुस्ताक अली, दिनेश बैरवा, शांतिलाल धौलपुरिया और योगेश सोनी सहित बड़ी संख्या में B.L.A.2, सेवादल एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह घटनाक्रम आगामी चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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