भीलवाड़ा जिले की मांडल ग्राम पंचायत में तत्कालीन सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने का गंभीर प्रकरण सामने आया है। इस मामले में जांच कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट 14 मई 2026 को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंप दी थी, जिसमें तत्कालीन सरपंच संजय कुमार भण्डिया और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर को दोषी ठहराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद, डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी जिला परिषद कार्यालय द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासनिक संरक्षण की बू आ रही है।

विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि स्थानांतरण के बाद भी तत्कालीन सरपंच की आईडी सक्रिय रहना पंचायत कोष के लिए बड़ा खतरा है। वहीं, सूचना के अधिकार के तहत जांच रिपोर्ट मांगने वाले महावीर जाट ने आरोप लगाया है कि उन्हें रसीद देकर भी पिछले 10 दिनों से गुमराह किया जा रहा है और असल रसीद भी वापस ले ली गई है। ग्रामीणों ने अब जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों को तत्काल निलंबित करने और मामले में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

Pratahkal Newsroom

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