सिदड़ियास में फायरिंग का खुलासा: सूअरों को भगाने के फायर का छर्रा लगा बुजुर्ग को
भीलवाड़ा के सिदड़ियास में 70 वर्षीय शंकर सिंह दरोगा को गोली नहीं, बंदूक का छर्रा लगा था। FSL और MOB टीम की जांच में लक्षित हमले की आशंका कम हुई, अब फायर करने वाले और हथियार की तलाश जारी है।

तस्वीर में महात्मा गांधी अस्पताल में स्ट्रेचर पर लेटे हुए घायल बुजुर्ग शंकर सिंह नजर आ रहे हैं, जिनके पास चिकित्सा कर्मी मौजूद हैं।
भीलवाड़ा के मांडल थाना क्षेत्र के सिदड़ियास गांव में शुक्रवार रात 70 वर्षीय शंकर सिंह दरोगा के बंदूक के छर्रे से घायल होने की घटना में पुलिस जांच ने नया मोड़ लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना किसी रंजिश या लक्षित फायरिंग का नतीजा नहीं, बल्कि खेतों में जंगली सूअरों को भगाने के लिए किए गए फायर से हुई हो सकती है। फायरिंग से निकला छर्रा बाड़े में बैठे शंकर सिंह के बाएं कंधे में जा लगा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को अजमेर से फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की स्पेशल टीम और भीलवाड़ा की MOB टीम ने पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीमों ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और फायरिंग की दिशा तथा घटना की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार शंकर सिंह को बंदूक की सीधी गोली नहीं लगी थी, बल्कि छर्रा (पैलेट) लगा था। मांडल थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह नरूका ने बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल में डॉक्टरों ने देर रात ऑपरेशन कर बुजुर्ग के बाएं कंधे से छर्रा निकाल दिया। उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटनास्थल के चारों ओर मक्के की फसल के खेत हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन दिनों खेतों में जंगली सूअरों का आतंक बना हुआ है। किसान अपनी फसल बचाने के लिए रात के समय सूअरों को भगाते हैं।
पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान आसपास किसी व्यक्ति ने जंगली सूअरों को भगाने के लिए बंदूक से फायर किया होगा। उसी फायर से निकला छर्रा दिशा बदलते हुए बाड़े में बैठे शंकर सिंह के कंधे में जा लगा।
थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह नरूका के अनुसार अब तक की जांच, ग्रामीणों से पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों में शंकर सिंह की किसी व्यक्ति से रंजिश या दुश्मनी की बात सामने नहीं आई है। ऐसे में घटना को लक्षित हमला मानने की संभावना फिलहाल कम हो गई है।
अब पुलिस FSL रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और ग्रामीणों के बयानों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि शुक्रवार रात किस व्यक्ति ने और किस हथियार से फायर किया था। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर साफ हो जाएगी।

Anshul Toshniwal, Bhilwara
नाम: अंशुल तोषनीवाल
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अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
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