भीलवाड़ा: माण्डल थाने के कॉन्स्टेबल पर रिश्वत का मुकदमा, मोबाइल पर मांग रहा था घूस
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने तकनीकी साक्ष्यों और रिकॉर्डिंग के आधार पर सिपाही धर्मेंद्र चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।

भीलवाड़ा। खाकी की आड़ में वसूली का खेल खेलने वाले माण्डल थाने के कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र चौधरी (बेल्ट नं. 468) की चतुराई धरी की धरी रह गई। पारिवारिक विवाद सुलझाने की एवज में रिश्वत की मांग करने वाले इस सिपाही के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर शिकंजा कस दिया है। इस मामले में आरोपी की कार्यप्रणाली ने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार, परिवादी नारायण गुर्जर और उसके साथी राजू धोबी ने जब माण्डल थाने के पास स्थित एक जूस की दुकान पर कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र से मुलाकात की, तो आरोपी ने जुबान खोलने के बजाय मोबाइल तकनीक का सहारा लिया। पकड़े जाने के डर से शातिर सिपाही ने अपने मोबाइल की स्क्रीन पर '10' लिखकर दिखाया, जिसका सीधा संकेत 10,000 रुपये की मांग था। मोलभाव के पश्चात यह सौदा 7,000 रुपये में तय हुआ। भ्रष्टाचार की इस 'डिजिटल' डील को एसीबी ने बेहद गंभीरता से लिया है।
एसीबी की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि 02 अक्टूबर 2025 को सत्यापन की कार्यवाही के दौरान ही आरोपी धर्मेंद्र ने परिवादी से 2,000 रुपये मौके पर झटक लिए थे। शेष 5,000 रुपये अगले दिन सुबह 11 बजे देना नियत किया गया था। आरोपी की इस पूरी बातचीत और सौदेबाजी को एसीबी के डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर (डीवीआर) में कैद कर लिया गया। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगते ही कॉन्स्टेबल ने पासा पलटने की कोशिश की और रिश्वत लेने से इनकार करते हुए समझौते की बात करने लगा, लेकिन तब तक उसकी घूसखोरी का एक-एक सेकंड डिजिटल डायरी में दर्ज हो चुका था।
एडिशनल एसपी विक्रम सिंह और उप अधीक्षक हरिश्चंद्र सिंह के नेतृत्व में की गई इस सघन जांच के बाद एसीबी ने पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड और हैश वैल्यू जैसे पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी धर्मेंद्र बुगालिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एसीबी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि खाकी की आड़ में भ्रष्टाचार करने वालों के विरुद्ध पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। वर्तमान में मामले की विस्तृत जांच एडिशनल एसपी विक्रम सिंह को सौंपी गई है, जिससे भीलवाड़ा पुलिस महकमे में हड़कंप व्याप्त है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
