न्यू पटेल नगर में सनसनीखेज वारदात

भीलवाड़ा के शहर प्रतापनगर थाना क्षेत्र स्थित न्यू पटेल नगर में आज सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 40 वर्षीय युवक आनंद सिंह ने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

मृतक आनंद सिंह की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो उनकी मौत की पूरी कहानी खुद बयां कर रहा है। नोट में स्पष्ट रूप से अपनी मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी कोमल देवी और उसके प्रेमी मनोज वर्मा को ठहराया गया है। परिजनों का आरोप है कि आनंद सिंह लंबे समय से गहरे मानसिक तनाव में थे।

प्रेम प्रसंग और धमकियों का मामला

जानकारी के अनुसार, मृतक की पत्नी कोमल देवी कुछ समय पहले अपने प्रेमी मनोज वर्मा के साथ भाग गई थी। करीब दो महीने बाद वह वापस लौटी, लेकिन प्रेमी का पीछा नहीं छूटा। प्रेमी मनोज वर्मा लगातार आनंद सिंह को फोन कर धमकियां दे रहा था कि: "कोमल मेरी पत्नी है, मैं उसे लेकर जाऊंगा।"

धोखा देकर बच्चों सहित फिर हुई फरार

क्रूरता की हद तो तब हो गई जब 19 फरवरी को कोमल देवी अपने प्रेमी के साथ एक बार फिर फरार हो गई और साथ में अपने दोनों मासूम बच्चों को भी ले गई। जाते समय वह एक पत्र छोड़ गई, जिसे पढ़कर आनंद सिंह पूरी तरह टूट गए थे। प्रेमी मनोज की जान से मारने की धमकियों और पत्नी के बार-बार घर छोड़कर भागने के अपमान को आनंद सिंह सह नहीं पाए और आज सुबह मौत को गले लगा लिया।

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। मृतक के छोटे भाई नरेंद्र सिंह पुत्र भुवनेश्वर सिंह राजपूत ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

फोटो- बीएचएल 01


घटना 2: भीलवाड़ा में निकली 'ट्रैक्टर वाली शाही बारात'

देसी स्वैग ने लूटी महफिल

भीलवाड़ा के देवरिया-मानपुर के सुथार परिवार ने अपनी जड़ों की ओर लौटकर एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज पूरे जिले में सुनाई दे रही है। यहाँ दूल्हा किसी मर्सिडीज या घोड़ी पर नहीं, बल्कि फूलों से सजे धाकड़ ट्रैक्टर-रथ पर सवार होकर अपनी दुल्हनिया लेने निकला।

ट्रैक्टरों का रेला और राजसी अंदाज

देवरिया-मानपुर निवासी बालू लाल और बंसी लाल सुथार के परिवार की यह अनूठी बारात जब कोशीथल पहुंची, तो नजारा देखने लायक था। एक विशेष ट्रैक्टर को रथ का रूप देकर उसे फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाया गया था। इस शाही ट्रैक्टर के पीछे ट्रैक्टरों का एक लंबा काफिला चल रहा था, जिसमें सवार बाराती ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर जमकर थिरके।

सादगी से पेश की मिसाल

आजकल की चकाचौंध और भारी-भरकम खर्च वाली शादियों के दौर में इस परिवार ने सादगी का बड़ा संदेश दिया है। परिवार के सदस्य पवन लाल, श्याम लाल और शिव लाल सहित अन्य परिजनों का कहना है कि वे अपनी ग्रामीण संस्कृति और मिट्टी से जुड़े रहना चाहते थे। बुजुर्गों ने जहाँ इसे पुरानी सादगी की वापसी बताया, वहीं युवाओं के लिए यह रॉयल विलेज लुक आकर्षण का केंद्र बना रहा।

सड़कों पर उमड़ी भारी भीड़

जैसे ही यह अनोखी बारात कोशीथल की गलियों से गुजरी, लोग अपने घरों की छतों और रास्तों पर जमा हो गए। हर कोई इस देसी बारात को अपने मोबाइल में कैद करने को बेताब दिखा। सादगी, कम खर्च और परंपराओं के इस अनूठे मेल ने साबित कर दिया कि यादगार पल बनाने के लिए महंगी कारों की नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान और बड़े दिल की जरूरत होती है।

Pratahkal Bureau

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