भीलवाड़ा: 106 वर्षीया सोहनदेवी की स्मृति में उमड़े 125 गांवों के माहेश्वरी बंधु
शाहपुरा के तहनाल में लढ़ा परिवार ने माता की स्मृति प्रसादी को सामाजिक मेलमिलाप का केंद्र बनाया, वियतनाम के पत्थर से बनी प्रतिमा का हुआ अनावरण।

भीलवाड़ा। समाज में आपसी मेलमिलाप और भ्रातृत्व भाव को सुदृढ़ करने की दिशा में शाहपुरा तहसील के तहनाल ग्राम में एक अनुकरणीय पहल देखी गई है। 106 वर्ष की दीर्घायु पूर्ण कर स्वर्गवासी हुई श्रीमती सोहनदेवी लादूलाल लढ़ा की स्मृति को जीवंत रखने हेतु उनके पुत्र एवं प्रसिद्ध ज्योतिष व वास्तुविद हेमराज लढ़ा ने उनकी प्रसादी को एक व्यापक सामाजिक एकता के उत्सव में परिवर्तित कर दिया। शनिवार, 28 मार्च को आयोजित इस श्री चारभुजानाथ महाराज की विशाल प्रसादी में न केवल माहेश्वरी समाज के 125 गांवों के बंधुओं को आमंत्रित किया गया, बल्कि तहनाल ग्राम पंचायत के समस्त जाति-बिरादरी के परिवारों को भी निमंत्रण देकर सामाजिक समरसता की एक नई इबारत लिखी गई।
मूलतः तहनाल निवासी और वर्तमान में अहमदाबाद में कार्यरत हेमराज लढ़ा की माताजी का स्वर्गवास विगत 14 फरवरी को हुआ था। अपनी माता की स्मृति में पुरातन परंपराओं और संस्कृति को पुनर्जीवित करने के ध्येय से लढ़ा परिवार ने इस आयोजन को भव्य रूप दिया। इस कार्यक्रम में शाहपुरा नगर के समस्त माहेश्वरी परिवारों सहित शाहपुरा, जहाजपुर, हुरड़ा, माण्डलगढ़, कोटड़ी और काछोला तहसील क्षेत्र के 125 गांवों के समाजबंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। हेमराज लढ़ा ने बताया कि इस वृहद आयोजन का मुख्य उद्देश्य सभी वर्गों को एक जाजम पर बिठाकर आपसी स्नेह, सौहार्द और सुख-दुख की भागीदारी को सुदृढ़ करना है। जातिगत बंधनों से ऊपर उठकर संपूर्ण पंचायत क्षेत्र को आमंत्रित करना क्षेत्रीय जुड़ाव की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अहमदाबाद में प्रवास के बावजूद अपनी जड़ों से जुड़े हेमराज लढ़ा के तीनों पुत्र—विकास, अभिषेक और रोहित लढ़ा—इस पुनीत कार्य में सक्रिय रूप से सहभागी रहे। उल्लेखनीय है कि 106 वर्ष की आयु में दिवंगत हुई सोहनदेवी का स्वास्थ्य अंतिम समय तक विलक्षण रहा; इस आयु में भी उनके नए दांत और बाल आ चुके थे। उनकी स्मृतियों को संजोने के लिए वियतनाम से विशेष पत्थर मंगाकर जयपुर के कुशल कारीगरों से उनकी प्रतिमा बनवाई गई है। हेमराज लढ़ा की मातृभक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण उनके घर में पिछले 36 वर्षों से जल रही अखंड ज्योत है, जो क्षेत्र में श्रद्धा और अनुकरणीय मिसाल बन चुकी है। यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि सभा रहा, बल्कि इसने आधुनिक समाज में लुप्त होती सामूहिक संवाद की संस्कृति को पुनः जीवित कर दिया है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
