मानसिक गुलामी का त्याग कर स्वाभिमानी बनें, अपनी संस्कृति और विरासत पर करें गौरव
भीलवाड़ा में नवनिर्मित श्री प्रभुलाल जगदीशप्रसाद सोमानी माहेश्वरी छात्रावास का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। स्वामी गोविन्द देव गिरी के सानिध्य में आयोजित इस समारोह में संस्कृति, शिक्षा और समाज की घटती जनसंख्या पर गहन मंथन किया गया।

भीलवाड़ा में श्री प्रभुलाल जगदीशप्रसाद सोमानी माहेश्वरी छात्रावास के उद्घाटन अवसर पर स्वामी गोविंद देव गिरी और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी उपस्थित रहे।
भीलवाड़ा में शुक्रवार का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बना, जहाँ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरी के पावन सानिध्य में ए.बी. माहेश्वरी एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा नवनिर्मित ‘श्री प्रभुलाल जगदीशप्रसाद सोमानी माहेश्वरी छात्रावास’ का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। भीलवाड़ा की द ग्रीन्स कॉलोनी के निकट रिंग रोड पर स्थित इस आधुनिक छात्रावास का उद्घाटन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी गोविन्द देव गिरी ने शिक्षा और संस्कार के अंतर्संबंधों पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्ची स्वाधीनता मानसिक गुलामी से मुक्ति में निहित है। उन्होंने लॉर्ड मैकाले की शिक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि हमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए और शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर कौशल विकास और स्वावलंबन का माध्यम बनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे डॉक्टर या इंजीनियर बनने से पहले एक स्वाभिमानी भारतीय बनें। साथ ही, उन्होंने समाज में घटती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे अस्तित्व की रक्षा के लिए एक गंभीर विषय बताया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी ने छात्रावास के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि माहेश्वरी समाज केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक पूंजी निर्माण में भी अग्रणी है। उन्होंने कहा कि लोकप्रियता अस्थायी है, जबकि श्रेष्ठ आचरण ही वास्तविक सम्मान दिलाता है। समाज के लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। महामंडलेश्वर हंसाराम महाराज ने सनातन एकता पर बल देते हुए जातिवाद और पंथवाद जैसी बाधाओं को दूर कर समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
छात्रावास के बारे में जानकारी देते हुए नवनीत सोमानी ने बताया कि लगभग 15 करोड़ की लागत से निर्मित यह छह मंजिला छात्रावास 104 छात्रों की क्षमता वाला है। इसमें वातानुकूलित कक्ष, भोजन कक्ष, कैफेटेरिया, कंप्यूटर लैब और सीसीटीवी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम के दौरान जगदीशप्रसाद सोमानी के जीवन पर आधारित एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया। समारोह में विभिन्न संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने सोमानी परिवार के इस उपक्रम की सराहना की। यह छात्रावास न केवल जरूरतमंद छात्रों को आवास प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति और उच्च संस्कारों से भी जोड़ेगा।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
