भीलवाड़ा में महेश नवमी का उल्लास: भव्य शोभायात्रा और 15 स्थानों पर सामूहिक अभिषेक की गूंज
भीलवाड़ा में भगवान महेश की जयंती पर आज श्रद्धा का सैलाब उमड़ा है। शहर भर में सजे 90 भव्य स्वागत द्वारों के बीच आज शाम निकलेगी विशाल शोभायात्रा। क्या आप जानते हैं किन 15 मंदिरों में गूंज रहा है सामूहिक अभिषेक का स्वर? जानिए इस उत्सव की पूरी जानकारी।

भीलवाड़ा में आज माहेश्वरी समाज के आराध्य देव भगवान महेश (शिव) की जयंती, महेश नवमी, पूरे भक्ति भाव और हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। इस पावन अवसर पर शहर के वातावरण में धर्म और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरा शहर भगवा पताकाओं, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक स्वागत द्वारों से सजकर तैयार है। समाज में उत्सव का माहौल है और सभी श्रद्धालु श्रद्धा के सैलाब में डूबे हुए हैं।
मुख्य कार्यक्रम के तहत आज शाम 4:30 बजे शहर में एक विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य प्रभारी सुभाष बाहेती ने बताया कि नगर के प्रमुख मार्गों को विशेष रूप से सजाया गया है और यात्रियों के स्वागत के लिए कुल 90 स्वागत द्वार स्थापित किए गए हैं। भगवान महेश की मनमोहक झांकी इस शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण होगी, जिसके साथ बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ेंगे। मार्ग में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा पुष्प वर्षा कर भक्तों का अभिनंदन किया जाएगा। नगर अध्यक्ष केदार जागेटिया, संयोजक अतुल राठी और कार्यवाहक अध्यक्ष केदार गगरानी ने समस्त समाजजनों से इस अनुष्ठान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है।
धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में आज सुबह से ही भक्ति की अनूठी छटा बिखरी रही। जिला एवं नगर माहेश्वरी युवा संगठन के तत्वाधान में सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक शहर के 15 अलग-अलग स्थानों पर भगवान महेश के सामूहिक अभिषेक और महाआरती का आयोजन किया गया। मुख्य प्रभारी सुनीत जागेटिया व सीए अंकित लखोटिया के अनुसार, बालाजी मार्केट स्थित श्री बालाजी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य महाअभिषेक संपन्न हुआ। इसके अतिरिक्त पुर के डूंगरी के बालाजी, बापूनगर, आजादनगर, शास्त्रीनगर, भोपालगंज, सुभाषनगर और तिलकनगर समेत शहर के कुल 15 प्रमुख मंदिरों में एक साथ भगवान शंकर का अभिषेक किया गया, जिससे पूरा शहर शिवमय हो गया।
महेश नवमी का यह महापर्व न केवल माहेश्वरी समाज की एकता और संस्कृति का परिचायक है, बल्कि यह श्रद्धालुओं के हृदय में आध्यात्मिक चेतना का संचार भी कर रहा है। पूरे दिन चले इन धार्मिक कार्यक्रमों और शाम की भव्य शोभायात्रा ने भीलवाड़ा को उत्सव के केंद्र में ला खड़ा किया है, जो समाज के गौरवशाली इतिहास और अटूट श्रद्धा का जीवंत प्रमाण है।

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