भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा थाना क्षेत्र के हुरड़ा स्थित महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा टल गया, जब स्कूल के प्रिंसिपल कक्ष की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। छत गिरने से कमरे में रखा फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना उस समय हुई, जब स्कूल परिसर में कोई मौजूद नहीं था।

जानकारी के अनुसार, हादसा रात के सन्नाटे में हुआ। सुबह स्कूल खुलने पर जब प्रिंसिपल कक्ष का दरवाजा खोला गया, तब छत गिरने की घटना सामने आई। यदि यह हादसा स्कूल संचालन के दौरान या विद्यार्थियों की मौजूदगी के समय होता, तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। रात के समय घटना होने के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

घटना के बाद स्कूल भवनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय जानकारों के मुताबिक वर्ष 2025-26 के लिए तैयार सरकारी स्कूल भवनों के जर्जर सर्वे की सूची में इस भवन का नाम शामिल नहीं था। ऐसे में भवन की वास्तविक स्थिति सर्वे के दौरान सामने नहीं आ सकी।

बताया गया कि प्रिंसिपल कक्ष की छत के नीचे पीओपी और आर्टिफिशियल फॉल्स सीलिंग लगाई गई थी। फॉल्स सीलिंग के कारण छत की अंदरूनी जर्जरता लंबे समय तक छिपी रही और समय रहते संभावित खतरे का अंदाजा नहीं लग पाया। इसी वजह से भवन की खराब स्थिति सामने नहीं आ सकी।

इस घटना ने शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से यह सवाल उठ रहा है कि जर्जर भवनों के सर्वे के दौरान इतनी गंभीर खामियां कैसे नजरअंदाज हो गईं। घटना ने सरकारी स्कूल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और सर्वे प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

Pratahkal Bureau

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