भीलवाड़ा मातृ मृत्यु प्रकरण: न्याय यात्रा में गूंजे नारे, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भीलवाड़ा मातृ मृत्यु प्रकरण में सर्व समाज ने न्याय यात्रा निकालकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

भीलवाड़ा में महात्मा गांधी अस्पताल में हुई प्रसूताओं की मौत के विरोध में प्रदर्शन करते सर्व समाज के लोग।
महात्मा गांधी चिकित्सालय, भीलवाड़ा में हाल ही में प्रसूताओं की लगातार हुई मौतों के विरोध में सर्व समाज ने न्याय की मांग को लेकर बड़ा जनआंदोलन किया। सर्व समाज की ओर से भीमगंज थाना से श्री चारभुजानाथ बड़ा मंदिर, पुराना भीलवाड़ा तक विशाल पैदल न्याय यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान आमजन को जागरूक करने के लिए प्रार्थना-पत्र एवं जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए और लोगों से न्याय की लड़ाई में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।
पैदल न्याय यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। यात्रा जब गुलमंडी बाजार पहुंची तो पूरा क्षेत्र विरोधी नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने "अरुण गौड़ मुर्दाबाद", "अस्पताल प्रशासन हाय-हाय", "गायनिक विभाग हाय-हाय", "बहनों को न्याय दो", "न्याय नहीं तो चैन नहीं", "माँओं की मौत का हिसाब दो" जैसे नारे लगाए।
सर्व समाज के लोगों ने कहा कि माताओं की लगातार हो रही मौतों ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और इस मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
न्याय यात्रा का समापन श्री चारभुजानाथ बड़ा मंदिर में हुआ। यहां सर्व समाज की ओर से भगवान श्री चारभुजानाथ के श्रीचरणों में सामूहिक प्रार्थना की गई। समाज के लोगों ने भगवान से जिम्मेदार अधिकारियों को सद्बुद्धि प्रदान करने, सत्य को सामने लाने, दोषियों को दंडित करने तथा पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय दिलाने की प्रार्थना की। इस अवसर पर भगवान के चरणों में एक प्रार्थना-पत्र भी अर्पित किया गया।
सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है, बल्कि सत्य, न्याय, जवाबदेही और मानव जीवन की रक्षा के लिए किया जा रहा है। समाज ने मांग रखी कि मातृ मृत्यु के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।
इस अवसर पर रितेश गुर्जर, पवन त्रिपाठी, राघव कोठारी, रवि पंडित, जीतू गुर्जर, सिद्धार्थ पाराशर, लोकेश खटीक, राजेंद्र सिंह, विजेश खटीक, मोनू सेन, हिमांशु सेन, सुनील खटीक, देवदत्त पाराशर, रविन्द्र धाकड़, लोकपाल प्रजापत, पवन व्यास, बनवारी गाडरी, पूरन गाडरी, मुकेश जांगिड़, महेश शर्मा, दिलीप यादव, अनिल सोनी, सुधांशु जैन, यदुवेन्द्र सिंह, नवीन जोशी, संजय गुर्जर, कौशल पारीक, ललित देवनानी, आनंद शर्मा, पूरण तेली, गोपाल साहू, दिनेश गाडरी, राहुल गाडरी एवं रमेश धोबी सहित सर्व समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में सर्व समाज ने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने, दोषियों की जवाबदेही तय होने तथा मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होने तक यह जनआंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। समाज ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा—"न्याय नहीं तो चैन नहीं। माँओं की मौत का हिसाब दो। बहनों को न्याय दो।"

Anshul Toshniwal, Bhilwara
नाम: अंशुल तोषनीवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): सभी प्रकार के समाचार (General Reporting)
अनुभव: 6 माह
परिचय
अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।
