भीलवाड़ा एमजीएच में प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप, मां की मौत; नवजात वेंटिलेटर पर, थाने में शिकायत
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। मां की मौत हो गई, जबकि नवजात बच्ची उदयपुर में भर्ती है। परिजनों ने भीमगंज थाने में शिकायत देकर डॉक्टरों और स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

भीलवाड़ा के अस्पताल के बाहर खड़े मृतक महिला के परिजन।
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में कथित तौर पर चिकित्सा कर्मियों की घोर लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रसव के लिए भर्ती हुई एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसकी नवजात बच्ची की हालत नाजुक होने के कारण उसे उदयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में भीमगंज पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, भीलवाड़ा जिले के पोटलां निवासी श्रीमती संगीता पत्नी जितेन्द्र कुमार जीनगर को 9 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे प्रसव के लिए महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती किए जाने के बाद पूरे दिन मेडिकल स्टाफ ने प्रसूता की कोई सुध नहीं ली और उन्हें लगातार इधर-उधर चक्कर कटवाए गए।
परिजनों ने बताया कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने कपासन के विधायक अर्जुन लाल जीनगर से दूरभाष पर संपर्क किया। विधायक तथा परिजनों द्वारा अस्पताल के पीएमओ से फोन पर बातचीत किए जाने के बाद ही शाम करीब 6:30 बजे प्रसूता को सिजेरियन ऑपरेशन के लिए ले जाया गया।
परिजनों के अनुसार, सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिला ने एक जीवित पुत्री को जन्म दिया। आरोप है कि जन्म के बाद नवजात बच्ची को वार्ड स्टाफ ने ऑब्जर्वेशन में रखने के बजाय सीधे परिजनों को सौंप दिया। उचित देखरेख नहीं मिलने के कारण बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद 11 जुलाई की रात उसे गंभीर हालत में महाराणा भोपाल चिकित्सालय, उदयपुर में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उसका उपचार जारी है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि संगीता अस्पताल पहुंचने से पहले पूरी तरह स्वस्थ थी और स्वयं पैदल चलकर वार्ड में गई थी। उनका आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के तुरंत बाद प्रसूता को अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि महिला की जान बचाने के लिए उसकी बच्चादानी निकालनी पड़ेगी। परिजनों की सहमति के बाद रात करीब 12:00 बजे ऑपरेशन कर बच्चादानी निकाल दी गई। परिजनों का कहना है कि इस ऑपरेशन के बाद से ही संगीता बेहोश हो गई और फिर उसे दोबारा होश नहीं आया।
शिकायत के अनुसार, अगले दिन 10 जुलाई को दोपहर करीब 12:00 बजे डॉक्टरों ने प्रसूता की हालत अत्यंत नाजुक बताते हुए उसे उदयपुर रेफर कर दिया, लेकिन रेफर किए जाने के कुछ ही देर बाद संगीता ने दम तोड़ दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यपालक मजिस्ट्रेट (तहसीलदार, सहाड़ा) की उपस्थिति में मेडिकल बोर्ड द्वारा 11 जुलाई 2026 को मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों का आरोप है कि यदि अस्पताल प्रशासन और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने समय रहते उपचार शुरू किया होता तो जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित होते।
इस मामले में भीमगंज थाना पुलिस का कहना है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हो चुकी है और पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
