गंगापुर राष्ट्रीय लोक अदालत में 580 प्रकरणों का निस्तारण, 1.46 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित
भीलवाड़ा जिले के गंगापुर में आयोजित तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में 580 मामलों का आपसी सहमति से समाधान कर 1.46 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित किए गए।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गंगापुर स्थित न्यायालय परिसर में आयोजित तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान मामलों की सुनवाई करते हुए न्यायिक अधिकारी और उपस्थित पक्षकार।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गंगापुर में 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में 580 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। आपसी सहमति और राजीनामे के आधार पर निस्तारित इन मामलों में कुल 1 करोड़ 46 लाख 75 हजार 92 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार न्यायालय परिसर गंगापुर में आयोजित लोक अदालत में न्यायालय और राजस्व से संबंधित विभिन्न मामलों का समाधान किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए दो बेंचों का गठन किया गया था। प्रथम बेंच की अध्यक्षता अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश गंगापुर अनिता टेलर ने की। इस बेंच में अधिवक्ता गणपत राणवा सदस्य के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, द्वितीय बेंच की अध्यक्षता सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट गंगापुर पारुल चौहान ने की। उपखंड अधिकारी गंगापुर विवेक गुर्जर ने इस बेंच में सदस्य के रूप में भाग लिया।
तालुका सचिव निखिलेश जीनगर ने बताया कि लोक अदालत में राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरणों, धन वसूली, भरण-पोषण, जल एवं बिजली संबंधी विवादों, भूमि विवादों, पारिवारिक मामलों, मोटर वाहन दुर्घटना बीमा, बैंक और राजस्व संबंधी प्रकरणों सहित विभिन्न मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में आपसी सहमति और राजीनामे के आधार पर विवादों का समाधान किया गया।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायालय के राजीनामा योग्य प्रकरणों और प्री-लिटिगेशन मामलों को मिलाकर कुल 580 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। इन प्रकरणों में 1 करोड़ 46 लाख 75 हजार 92 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इस प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न विवादों के समाधान का अवसर उपलब्ध कराया गया।
लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायालय गंगापुर के कर्मचारीगण, अधिवक्तागण, विद्युत विभाग के अधिकारी और विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे। आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण कर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय और प्री-लिटिगेशन से जुड़े मामलों के समाधान पर जोर दिया गया।

