भीलवाड़ा में सूदखोरों की प्रताड़ना से परेशान युवक ने की आत्महत्या, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
परिजनों ने 10 लोगों पर नामजद मामला दर्ज कराया है, पुलिस जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दे रही है।

तस्वीर में दिख रहे मृतक दुर्गेश कुमार दरोगा, जिन्होंने भीलवाड़ा में सूदखोरों की धमकियों से परेशान होकर आत्महत्या की।
भीलवाड़ा। सूदखोरों की कथित धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर भीलवाड़ा शहर के शिवाजी मार्ग पथिकनगर निवासी दुर्गेश कुमार दरोगा ने बुधवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि कर्ज के नाम पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और मकान पर कब्जा करने की धमकी दी गई थी। युवक की मौत के बाद गुरुवार को परिजनों और समाज के लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। जिला अस्पताल की मोर्चरी से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन हुआ। मृतक के भाई ने 10 लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत देकर कथित अवैध वसूली, धमकियों और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
दुर्गेश की मौत से आक्रोशित परिजन और समाज के लोग गुरुवार को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हुए। यहां प्रदर्शन करने के बाद सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और “सूदखोरों को फांसी दो” की मांग उठाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी सदर अंजलि मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
मृतक के भाई कमलेश कुमार पुत्र जगदीशचंद्र दरोगा ने सुभाषनगर थाने के सहायक उप निरीक्षक मोहन लाल को शिकायत दी है। इसमें योगेश कुमार माली, विकास उपाध्याय, प्रकाश मूंदड़ा, प्रकाश मूंदड़ा की पत्नी, भंवर लाल शर्मा, राकेश भदादा, निलेश जैन, शांति लाल अहीर, मुकेश अहीर और अकरम शाह को नामजद किया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सभी ने मिलकर अवैध वसूली के लिए दुर्गेश पर दबाव बनाया और उसे लगातार डराया-धमकाया। परिजनों का आरोप है कि कथित मानसिक प्रताड़ना और लगातार मिल रही धमकियों के कारण दुर्गेश इस कदर परेशान हो गया कि उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
कमलेश कुमार ने शिकायत में कर्ज और ब्याज को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके मुताबिक, दुर्गेश ने संबंधित लोगों से 2 रुपये सैकड़ा के हिसाब से रुपये उधार लिए थे और मूल राशि के साथ ब्याज भी चुका दिया था। इसके बावजूद कथित तौर पर 10 रुपये सैकड़ा के हिसाब से चक्रवृद्धि ब्याज की मांग की जा रही थी।
शिकायत के अनुसार, 8 अक्टूबर को योगेश माली दुर्गेश के घर पहुंचा और 16 लाख 35 हजार रुपये की मांग करते हुए मकान का इकरारनामा अपने नाम करवाने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि दुर्गेश और उसकी मां को कोर्ट ले जाकर इकरारनामा करवाया गया। इसके साथ ही दुर्गेश से खाली चेक और स्टांप पर हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
कमलेश की रिपोर्ट में आगे आरोप लगाया गया है कि 14 अक्टूबर को दिनभर और शाम को फोन करके लगातार रुपये के लिए धमकाया गया। इस दौरान कथित तौर पर कहा गया कि “कल सुबह तक रुपए नहीं दिए तो मकान पर कब्जा कर लेंगे।” शिकायत के मुताबिक, कर्ज की रकम और मकान पर कब्जे की धमकी को लेकर दुर्गेश पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
परिजनों के मुताबिक, धमकियों से घबराए दुर्गेश ने घर लौटकर अपनी मां और पत्नी को पूरी बात बताई। वह रोते हुए अपनी परेशानी बयां कर रहा था। इसके बाद बुधवार रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच उसने घर की छत पर बने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के बाद सुभाषनगर पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर मामला संज्ञान में लिया है। डीएसपी सदर और स्थानीय पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका, कथित वित्तीय लेन-देन, ब्याज से संबंधित दस्तावेजों और धमकियों के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब जांच में यह स्पष्ट होना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित वित्तीय लेन-देन के पीछे वास्तविक स्थिति क्या थी।

Anshul Toshniwal, Bhilwara
नाम: अंशुल तोषनीवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): सभी प्रकार के समाचार (General Reporting)
अनुभव: 6 माह
परिचय
अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।
