भीलवाड़ा: मां चामुंडा माता मंदिर में तेंदुए की दस्तक से हड़कंप, सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर
भीलवाड़ा के हमीरगढ़ में स्थित प्रसिद्ध मां चामुंडा माता मंदिर परिसर में तेंदुए के घुसने से सनसनी फैल गई। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए इस खौफनाक मंजर ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। वन विभाग से पिंजरा लगाने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित हमीरगढ़ की पहाड़ियों पर उस वक्त सन्नाटा और दहशत पसर गई, जब आस्था के केंद्र प्रसिद्ध मां चामुंडा माता मंदिर परिसर में एक आदमखोर तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई। अलसुबह हुई इस घटना ने न केवल मंदिर प्रशासन बल्कि पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों को हतप्रभ कर दिया है। भक्ति और शक्ति के इस पावन धाम में हिंसक वन्यजीव के निर्बाध विचरण ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और मानवीय सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, सुबह लगभग छह बजे जब मंदिर परिसर में मौजूद सेवादारों और निवासियों की आंखें खुली, तो उन्हें किसी भारी हिंसक जीव की पदचाप और हलचल का आभास हुआ। संदेह होने पर जब मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो उसमें कैद दृश्यों ने सबके रोंगटे खड़े कर दिए। फुटेज में एक विशालकाय तेंदुआ मंदिर के प्रांगण में निडर होकर घूमता हुआ साफ दिखाई दिया। काफी देर तक परिसर में चहलकदमी करने के बाद वह ओझल हो गया, लेकिन उसकी मौजूदगी के प्रमाण ने श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के मन में गहरा खौफ पैदा कर दिया है।
हमीरगढ़ पहाड़ी और उससे सटे वन क्षेत्र के कारण अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही की खबरें आती रहती हैं, परंतु इस बार तेंदुए का मंदिर के भीतर तक पहुंच जाना खतरे की घंटी माना जा रहा है। जैसे ही यह खबर क्षेत्र में फैली, चामुंडा माता के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में एकाएक कमी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि अब सुबह और शाम की सैर तो दूर, घर की दहलीज लांघना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में गहरी चिंता व्याप्त है।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वन विभाग के प्रति अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। लोगों की मांग है कि वन विभाग तत्काल हरकत में आए और क्षेत्र में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष दल तैनात करे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गश्त नहीं बढ़ाई गई और तेंदुए को काबू में नहीं किया गया, तो कोई भी बड़ी जनहानि हो सकती है। फिलहाल, हमीरगढ़ का यह शांत इलाका डर के साए में जीने को मजबूर है और सबकी नजरें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
