भीलवाड़ा: लक्ष्मणगढ़ कॉलोनी हत्याकांड में दो गिरफ्तार, एक बाल अपचारी निरुद्ध
बेटी की शादी से पांच दिन पहले हुई पिता की हत्या के मामले में बागौर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा, पारिवारिक रंजिश और संगीत विवाद बना वजह।

भीलवाड़ा जिले के बागौर थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मणगढ़ कॉलोनी में उपजे पारिवारिक विवाद ने एक खूनी मोड़ ले लिया, जहाँ पुत्री के विवाह से मात्र पांच दिन पूर्व पिता की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी गई। बागौर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार, 3 जून 2026 की रात लगभग 9 बजे लक्ष्मणगढ़ कॉलोनी निवासी विनोद कंजर की पुत्री अंजलि का विवाह 8 जून को होना निश्चित था, जिसके उपलक्ष्य में घर के बाहर संगीत कार्यक्रम चल रहा था। विनोद कंजर इस दौरान चौक में बैठे हुए थे। तभी पुरानी रंजिश के चलते कमलेश कंजर, किशन कंजर और सनूड़ी कंजर एक राय होकर हाथों में कुल्हाड़ी व अन्य धारदार हथियार लेकर वहां पहुंचे। आरोपियों ने अचानक विनोद कंजर पर जानलेवा हमला कर दिया और कुल्हाड़ी से सिर पर घातक प्रहार किए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक के भाई कैलाश कंजर की रिपोर्ट पर बागौर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 61(2)(ए), 332(ए), 352 और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। इस जघन्य वारदात की गंभीरता को देखते हुए भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सहाड़ा) बुद्धराज के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक (मांडल) राहुल जोशी के पर्यवेक्षण में बागौर थानाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने साक्ष्य जुटाने के साथ ही गहन अनुसंधान शुरू किया।
पुलिस अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपी किशन कंजर मृतक विनोद कंजर का सगा भतीजा है और दोनों परिवारों के बीच काफी समय से रंजिश चल रही थी। संगीत कार्यक्रम के दौरान नाचने की बात को लेकर हुए मामूली विवाद ने पुरानी रंजिश के साथ मिलकर हत्या का रूप ले लिया। पुलिस टीम ने अथक प्रयासों से किशन कंजर (27 वर्ष) पुत्र राकेश कंजर और सनूड़ी कंजर (25 वर्ष) पत्नी किशन कंजर, निवासी लक्ष्मणगढ़ कॉलोनी, बागोर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना में शामिल एक बाल अपचारी को भी निरुद्ध किया गया है।
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने वाली टीम में बागौर थानाधिकारी भंवरलाल, उप निरीक्षक गणपत सिंह, श्यामलाल, रवि कुमार, संजय कुमार, किशन लाल, सीताराम, आत्माराम, रामप्रकाश, सुनिता और सहदेव सिंह शामिल थे। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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