भीलवाड़ा: भूखंड आवंटन की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों ने खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
भीलवाड़ा में वर्षों से लंबित भूखंड आवंटन की मांग को लेकर पांच प्रमुख सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। क्या प्रशासनिक उदासीनता टूटेगी और समाज को उनका अधिकार मिलेगा? जानें पूरा मामला और इस संघर्ष की विस्तृत जानकारी।

भीलवाड़ा के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि नगर विकास न्यास परिसर में आयोजित 'शहरी सेवा शिविर' के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए।
भीलवाड़ा की सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शहर के पांच प्रमुख सामाजिक संगठनों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से वर्ष 2018-19 में आवंटित भूखंडों के डिमांड आदेश अविलंब जारी करने की पुरजोर मांग उठाई गई है। महर्षि गौतम ब्रह्म सेवा समिति, श्री नामदेव समाज सेवा समिति मेवाड़ महासभा, लक्षकार समाज युवा सेवा समिति, अरोड़ा खत्री समाज समिति और धोबी समाज सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में शहर के कई अन्य प्रबुद्ध सामाजिक संगठनों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस सामूहिक मांग को समर्थन दिया है।
महर्षि गौतम ब्रह्म सेवा समिति के अध्यक्ष गोपाल लाल जोशी ने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी नए आवंटन के लिए नहीं है, बल्कि वर्ष 2018-19 में तत्कालीन उपखंड अधिकारी और नगर विकास न्यास, भीलवाड़ा द्वारा निर्धारित 25 प्रतिशत आरक्षित दर पर स्वीकृत भूखंडों के संदर्भ में है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान सरकार के नगरीय विकास विभाग ने 30 सितंबर 2023 को एक पत्र जारी कर इसे 10 प्रतिशत रियायती दर पर आवंटित करने का निर्देश भी दिया था। बावजूद इसके, समस्त औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत भी नगर विकास न्यास द्वारा डिमांड नोट जारी नहीं किया गया, जिससे समाज के प्रतिनिधियों में गहरा रोष व्याप्त है।
ज्ञापन में बताया गया कि संबंधित समाज के पदाधिकारी डिमांड राशि जमा करने के लिए विगत कई वर्षों से नगर विकास न्यास के कार्यालयों के निरंतर चक्कर काट रहे हैं। प्रशासनिक शिथिलता और चुनाव आचार संहिता के चलते फंसी यह फाइल अब तक फाइलों में ही दबी हुई है, जिसके कारण समाज के निर्धन परिवारों और विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में इन समाजों के पास न तो विद्यार्थियों के ठहरने की उचित व्यवस्था है और न ही सामुदायिक आयोजन व पूजा-पाठ के लिए कोई स्थायी स्थान उपलब्ध है। पिछले दो-तीन वर्षों से जयपुर से लेकर स्थानीय स्तर पर जनसुनवाई तक अपनी पीड़ा व्यक्त करने के बावजूद अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी व प्रेम चंद बैरवा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, भीलवाड़ा जिला कलेक्टर, यूआईटी सचिव सहित स्थानीय सांसद और विधायक को भी अवगत कराया है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस सामाजिक सरोकार के मामले में कितनी तत्परता दिखाती है, क्योंकि यह केवल भूखंड का मामला नहीं, बल्कि भीलवाड़ा के विभिन्न वर्गों के सामुदायिक उत्थान और विकास की एक अनिवार्य आवश्यकता है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
