भीलवाड़ा: मजदूर दिवस पर वेतन वृद्धि और भत्ते की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन
जिला इंटक ने न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, दोगुना ओवरटाइम और महंगाई भत्ते के पुननिर्धारण सहित अन्य श्रमिक समस्याओं के निस्तारण हेतु मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा।

भीलवाड़ा। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भीलवाड़ा के औद्योगिक परिदृश्य में श्रमिकों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी सुगबुगाहट देखी गई। 1 मई 2026 को भीलवाड़ा जिले के टेक्सटाइल एवं विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत हजारों श्रमिकों को बढ़ती महंगाई के बोझ से राहत दिलाने और उनके बुनियादी अधिकारों को सुनिश्चित करने हेतु जिला इंटक के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। भीलवाड़ा जिला इंटक अध्यक्ष दीपक व्यास की अगुवाई में श्रमिक प्रतिनिधियों के एक शिष्टमंडल ने जिला कलेक्टर महोदय को मुख्यमंत्री एवं शासन के नाम एक विस्तृत मांग पत्र सौंपकर औद्योगिक क्षेत्र में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की पुरजोर मांग की।
सौंपे गए मांग पत्र में प्रमुखता से उल्लेख किया गया कि वर्तमान में बेलगाम बढ़ती महंगाई के दौर में श्रमिकों का मौजूदा वेतनमान जीवन यापन के लिए अपर्याप्त है, अतः उनके न्यूनतम वेतन में तत्काल सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए। इसके अतिरिक्त, श्रमिकों के आर्थिक शोषण को रोकने के लिए 'दोगुना ओवरटाइम' का लाभ सुनिश्चित करने, सभी श्रेणी के श्रमिकों को सवैतनिक अवकाश प्रदान करने और महंगाई भत्ते (DA) के पुननिर्धारण की मांग को प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन में इस बात पर भी गहरा रोष प्रकट किया गया कि कई फैक्ट्रियों में आज भी श्रमिकों को उनके वैधानिक लाभ जैसे सी.एल., पी.एल., बोनस और ग्रेच्युटी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। साथ ही, श्रमिकों की आवास व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के मुद्दों पर भी जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की गई।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए जिला महामंत्री कान सिंह चुंडावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भैरू सिंह टांक, नंदलाल गाडरी, बीपीएल श्रमिक संघ के अध्यक्ष सांवर दरोगा, गोपाल गुर्जर, डूंगर सिंह, मॉडर्न बस्टेड से गोपाल तेली, मदनसिंह टांक, ओमप्रकाश वैष्णव, जहीरूद्दीन मेवाफरोश, संपत गुर्जर, शंकर गुर्जर, रामेश्वर कुम्हार, श्रवण सिंह, जगदीश गुर्जर, मोहनलाल तेली, हरिप्रसाद जोशी और हरकचंद कोठारी सहित बड़ी संख्या में श्रमिक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह ज्ञापन न केवल श्रमिकों की आर्थिक सुरक्षा की मांग करता है, बल्कि भीलवाड़ा के औद्योगिक विकास में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले इन श्रमिकों के मानवाधिकारों और उनकी सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी एक गंभीर संदेश देता है।

