भीलवाड़ा - केंद्र सरकार द्वारा श्रम विरोधी कानून को लेकर आज दिनांक 12.02.2026 को अखिल भारतीय संयुक्त श्रमिक संघर्ष मोर्चा की ओर से पूरे भारतवर्ष में सभी श्रमिक संगठनों द्वारा आज जिला कलेक्टर के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पूंजीपति मालिकों के पक्ष में बनाए गए मजदूर विरोधी 4 श्रम संहिताएं को खारिज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।


विरोध प्रदर्शन और मुख्य नेतृत्व

भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र सीटू प्रदेश सचिव ओमप्रकाश देवानी, इंटक यूनियन के जिला अध्यक्ष दीपक व्यास, कान सिंह, कैलाश व्यास, छोटू सिंह, सत्यनारायण सेन, एटक यूनियन के जिला सचिव ओम प्रकाश शर्मा, जमील खान, सरवर खान, मनोहर लाल शर्मा, जिला निर्माण श्रमिक यूनियन एंटक के शांति लाल सालवीं, जिला बिल्डिंग वर्कर्स यूनियन के जिला अध्यक्ष रतन लाल नट, जोहर बानो, राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद के जिला अध्यक्ष अनीता कंवर, बीना कंवर, सत्तु बुनकर, रिंकू पारीक, भीलवाड़ा सिंथेटिक यूनियन के अध्यक्ष सोनू शर्मा, सद्दाम, मोतीलाल, भैरू साहू, प्रदीप पाण्डे, गणेशराम गहलोत, नरेश मराठा, मनोहर सोनी, बबलू सिंह, सहित श्रमिकों द्वारा विरोध दर्ज कराया गया।

"केंद्र सरकार के द्वारा पूर्व के श्रम कानून को खत्म करते हुए पूंजीपति मालिकों को लाभ पहुंचाने के नियत से नई श्रम संहिताएं को जारी किया गया, इसके विरोध में पूरे भारतवर्ष में नये लेबर कोड को लेकर आम हड़ताल, भारत बंद के आव्हान पर विरोध प्रदर्शन किया।"


ज्ञापन में प्रमुख मांगें

  • 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाये गये 4 लेबर कोट वापस लो।
  • न्यूनतम वेतन 30,000/- मासिक करो।
  • ठेका प्रथा, निजीकरण बंद कर, 30 करोड़ से असंगठित श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल में नामांकित कर उन्हें सभी सामाजिक सुरक्षा के तहत कवर किया जावें।
  • 31 दिसम्बर हाई कोर्ट का निर्णय लागू करते हुए अस्थाई/कच्चे कर्मियों/स्कीम वर्क्स को स्थाई करो, खाली पदों पर स्थाई भर्ती करो।
  • निर्माण मजदूरों का पोर्टल शुरू करो - सुविधाएं दो।
  • वीबी-जी राम जी केन्द्रीय कानून को रद्द कर पूर्व मनरेगा कानून को बहाल कर उसका विस्तार करो।
  • न्यूनतम पेंशन 10000/- मासिक करो।
  • 2025 के बनाये गये बिजली बिल कानून को रद्द करो।
  • आजीविका एवं सामाजिक क्षैत्र में कार्यरत अस्थाई महिला श्रमिकों को स्थाई किया जावें।
  • सभी श्रमिकों को (योजना कर्मियों/आंगनवाड़ी/आशा/मिड-डे मिल वर्क्स सहित) 30,000/- न्यूनतम मजबूरी व 10,000/- मासिक पेंशन भुगतान को सुनिश्चित करो। ठेका प्रथा बंद करो।
  • राष्ट्रीय हित में भारतीय रेल्वे, सड़क परिवहन, कोयला खदानों एवं परिवहन यातायात बंदरगाह रक्षा, बिजली, इस्पात, पेट्रोलियम, डाक, दूर-संचार, बैंक और बीमा क्षैत्र के निजीकरण अभियान पर तत्काल प्रभावी रोक लगाई जावें।
  • पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करो।
  • सभी संगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करो। बीमा क्षैत्र में 100 प्रतिशत एफ.डी.आई. का निर्णय वापिस लो।
  • सभी फसलों पर एमएसपी व खरीद की गारंटी करो।
  • किसान-मजदूरों के कर्ज माफ करो, किसानों को उनके तमाम फसल उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य सी2+50 प्रतिशत (स्वामीनाथन आयोग के अनुसार) का भुगतान करना कानूनी रूप से सुनिश्चित करो एवं वर्तमान में जनवरी 2026 में अमेरिका के साथ कृषि क्षैत्र में किये गये समझौतो को रद्द करो।
  • परमाणु ऊर्जा संयंत्र ’’शांति’’ अधिनियम और बीज बिल-2025 रद्द करने की मांग।

रैली और समापन

श्रमिकों द्वारा राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया गया जो जिला कलेक्टर के माध्यम से साथियों ने दिया। सैकड़ों श्रमिक संघ संगठनों के पदाधिकारी व सदस्यों द्वारा मुखर्जी पार्क से रैली निकालकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त किया।

मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के श्रमिक साथी रामेश्वर लाल जाट यूनिट सेक्रेटरी, कपिल वर्मा कोषाध्यक्ष, महावीर पांडे स्टेट कमेटी मेंबर, कुलदीप सिंह आदि ने प्रदर्शन में भाग लिया।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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