कोटड़ी में बाच्छड़ा गैंग का दुस्साहस: पुलिस पर जानलेवा हमले के बाद शातिर बदमाश गिरफ्तार, बड़ी चोरी की साजिश नाकाम
भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी में आभूषण दुकान में चोरी की साजिश नाकाम, पुलिस पर पथराव के बाद एक बदमाश को पुलिस ने दबोचा।

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कोटड़ी थाना पुलिस ने एक अत्यंत साहसिक और मुस्तैद कार्रवाई करते हुए अंतराज्यीय बाच्छड़ा गैंग के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। कस्बे में आभूषणों की दुकान को निशाना बनाने की फिराक में घूम रहे शातिर बदमाशों ने न केवल पुलिस को चुनौती दी, बल्कि जानलेवा हमला कर सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। बावजूद इसके, पुलिस की तत्परता और अदम्य साहस के चलते एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।
यह घटना 15 जून 2026 की देर रात की है, जब कोटड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस दल रात्रि गश्त पर तैनात था। गश्त के दौरान सहायक उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने देखा कि कुछ संदिग्ध युवक हाथों में लोहे के सरिये और औजार लेकर आभूषणों की दुकानों को अपना निशाना बनाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों में हड़कंप मच गया और वे भागने लगे। पुलिस ने पीछा करते हुए अंतराज्यीय बाच्छड़ा गैंग के एक शातिर सदस्य को दबोच लिया।
अपने साथी के पकड़े जाने से बौखलाए शेष तीन बदमाशों ने पुलिस दल पर घातक हमला बोल दिया। उन्होंने गलोल (गुलेल) से पत्थरों की ताबड़तोड़ बौछार करते हुए पुलिस की सरकारी बोलेरो गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हमले में सहायक उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद, उन्होंने अपने कर्तव्य से पीछे कदम नहीं हटाए और घायल अवस्था में भी आरोपी को मजबूती से जकड़े रखा, जिससे वह भागने में सफल नहीं हो सका। पुलिस की इस बहादुरी ने एक बड़ी चोरी की वारदात को होने से पहले ही रोक दिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान आशीष उर्फ नन्नू उर्फ आशिक (19) पुत्र राहुल उर्फ पिंटू के रूप में हुई है, जो मूलतः चंडौली, नीमच सिटी, मध्य प्रदेश का रहने वाला है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में जावद पुलिस थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी एवं चोरी के मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में उपयोग की गई दो मोटरसाइकिलों को भी बरामद कर लिया है। मौके से फरार हुए अन्य तीन आरोपियों—पीयूष, गोलू और दिलखुश की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इस साहसिक कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी महावीर प्रसाद, घायल सउनि कैलाश चन्द्र, सउनि महावीर सिंह तथा हेड कांस्टेबल कमलेश कुमार सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे। इस घटना ने एक ओर जहां बाच्छड़ा गैंग के दुस्साहस को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर कोटड़ी पुलिस की मुस्तैदी और साहस ने यह संदेश दिया है कि कानून के रखवाले किसी भी स्थिति में अपराधियों को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे क्षेत्र में हुई अन्य वारदातों के खुलासे की भी संभावना है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
